नगर निगम के डंपर को देख अभिभावक आए गुस्से में

नशे की हालत में चालक चला रहा था डंपर, टोकने पर वाहन छोड़ भागा

आगरा. थाना हरीपर्वत स्थित सेंट पीटर रोड पर अधिकारियों ने स्कूल के समय भारी वाहनों पर रोक लगा रखी है बावजूद इसके निगम के चालक ने आदेशों की अवहेलना कर छुट्टी के समय डंपर दौड़ा दिया. अभिभावकों के हंगामें पर पुलिस पहुंच गई पर चालक मौके से भाग निकला. पुलिस ने डंपर कब्जे में लिया है.

बच्चों को लेने आए थे परिजन

मंगलवार को सेंट पैट्रिक स्कूल में अवकाश होने पर परिजन अपने-अपने वाहनों से बच्चों को लेने पहुंचे थे. 1:15 पर बच्चों की छुट्टी हुई. आधे बच्चे स्कूल के अंदर तो आधे बाहर थे. उसी दौरान नगर निगम का डंपर सेंट पीटर स्कूल के बिल्कुल सामने आ गया. डंपर को देखते ही बच्चे सकपका गए. लोगों ने अपने-अपने बच्चों को पकड़ा.

नशे में चालक भाग निकला

अभिभावकों की भीड़ डंपर के पास गई और उसे टोका कि इस समय यहां पर भारी वाहन कैसे आ गया. परिजनों ने उसे अधिकारियों के आदेशों का हवाला दिया लेकिन वाहन चालक के ऊपर कोई असर नहीं पड़ा. आरोप है कि चालक उस समय नशे में था. वह समझ नहीं पा रहा था कि लोग क्या बोल रहे हैं.

पुलिस के आने से पहले ही भागा

चालक द्वारा कोई प्रतिक्रिया न देने पर परिजनों ने हंगामा कर दिया. मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई. उस दौरान आस पास के दुकानदार भी भारी वाहन के आने का विरोध कर रहे थे. पुलिस को सूचना लगी तो मौके पर पहुंची लेकिन इससे पहले चालक वहां से गाड़ी छोड़ कर भाग निकला.

गार्गी की हुई थी मौत

सेंट पेट्रिक में 11वीं की छात्रा गार्गी शर्मा निवासी शर्मा कॉम्प्लैक्स, मदिया कटरा को 16 अगस्त को नगर निगम के डंपर ने चपेट में लिया था. नियति हॉस्पिटल में दस दिन चले उपचार के बाद उसकी मौत हो गई. सरकारी वाहन से गई छात्रा की मौत को लेकर शहर के लोग एकजुट हो गए. अन्य कोई बेटी ऐसी दुर्घटना का शिकार न हो इसके लिए अधिकारियों से बात की.

अधिकारियों ने की थी बात

एसपी ट्रैफिक प्रशांत कुमार ने इस मामले को लेकर नगर निगम से बात की थी. तय किया गया था कि सुबह स्कूल लगने के समय और स्कूल की छुट्टी के दौरान कोई भी भारी वाहन चाहें वह सरकारी हो या प्राइवेट नहीं गुजरेगा पर इसके बाद भी उस रोड से भारी वाहनों का निकलना बंद नहीं हुआ. स्कूल के छुट्टी के दौरान पुलिस पिकैट भी लगाई जाती है पर मंगलवार को पिकैट नहीं थी.

बस पर कार्रवाई तो डंपर पर क्यों नहीं

हाल ही में एसएसपी के निर्देशन में गलत तरीके से चलने वाली रोडबेज बस के करीब 500 चालान किए जिसकी रिपोर्ट भेजी व कार्रवाई की बात भी हुई तो नगर निगम के वाहन और चालक पर कार्रवाई क्यों नहीं हो सकती.