RANCHI: इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट से पढ़ाई करना अब और महंगा हो जाएगा. अन्य आठ आइआइएम के साथ ही रांची आइआइएम ने भी अपनी फीस बढ़ा दी है. 2018-20 बैच के स्टूडेंट्स को बढ़ी हुई फीस देनी होगी. रांची आइआइएम ने फीस में 12 परसेंट की बढ़ोतरी की है और यह 12.5 लाख रुपए से बढ़कर 14 लाख रुपए हो गई है. नए सेशन में दाखिला लेने वाले स्टूडेंट्स को 14 लाख रुपए भुगतान करना होगा. नए बैच में एडमिशन प्रॉसेस शुरू हो चुका है. कुल 222 स्टूडेंट्स शामिल होंगे.

फीस वृद्धि की वजह

फीस में बढ़ोतरी के पीछे महंगाई का दबाव, फैकल्टी की सैलरी और इंफ्रास्ट्रक्चर का खर्च बढ़ने जैसे कारण बताए जा रहे हैं. आइआइएम मैनेजमेंट का कहना है की मिड लेवल के जैसे आइआइएम के लिए फीस में बढ़ोतरी करना अब एक मजबूरी हो गई है. खुद रेवेन्यू हासिल करना है और अपने फंड के दम पर इंस्टीट्यूट चलाना है. फैकल्टी की सैलरी बढ़ी है, मेस की लागत बढ़ी है और सिक्योरिटी, इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे खर्चो में भी वृद्धि हुई है. बहरहाल बताते चलें की अभी तक रांची आइआइएम के पास अपनी बिल्डिंग नहीं है.

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8 साल बाद भी नहीं बन पाया अपना भवन

आइआइएम रांची फीस में तो हर साल बढ़ोतरी कर रहा है, लेकिन स्टूडेंट्स को फैसिलिटी न के बराबर ही मिल रही है. आठ साल बाद भी आइआइएम रांची का अपना भवन तैयार नहीं हुआ है. स्टूडेंट्स को अभी भी किराये के हॉस्टल में रहना होता है. जबकि पढ़ाई सूचना भवन में भाडे़ के भवन में होती है. यहां रूम कम हैं. कई बार एक्सट्रा क्लासेज के लिए स्टूडेंट्स को किसी होटल या फिर निजी कोचिंग सेंटर तक का सहारा लेना पड़ता है. आइआइएम, रांची को सरकार द्वारा एचईसी कैंपस में 60.04 एकड़ जमीन मुफ्त मिलने की बात थी. लेकिन भवन निर्माण की किसी भी तरह की बात आइआइएम नहीं कर रहा है. जमीन पर कई विवाद हुए, जिसका खामियाजा स्टूडेंट्स को भरना पड़ रहा है.