- अभी तक केवल 42 स्कूलों की ही हो सकी है जांच

BAREILLY:

मनमानी फीस लेना स्कूलों को अब महंगा पड़ सकता है. उत्तर प्रदेश स्व वित्तपोषित विद्यालय 'शुल्क निर्धारण' अध्यादेश लागू होने के बाद जिन स्कूलों से डाटा अपलोड कराया गया था, उनकी अब जांच शुरू हो गई है. अभी तक कुल 42 स्कूलों की जांच हो चुकी है, जिसमें से 15 स्कूल ऐसे मिले हैं जिन्होंने अध्यादेश के हिसाब से अधिक फीस ली है. जांच के बाद इन स्कूलों पर कार्रवाई की जाएगी.

सीए करेंगे जांच

जेडी एसपी द्विवेदी ने बताया कि सभी स्कूलों की जांच के बाद इनका रिकॉर्ड कमेटी को भेजा जाएगा. जहां सीए इसकी जांच करेंगे. उन्होंने बताया कि कमेटी में एक सीए, अधीक्षण अभियंता, अध्यापक एसोसिएशन का एक टीचर, जेडी, ऑडिट ऑफिसर रहेंगे. इस कमेटी के अध्यक्ष कमिश्नर होंगे.

फीस करनी होगी वापस

जिन स्कूलों ने अध्यादेश से अधिक फीस ली है. उन स्कूलों को अभी से शॉर्ट लिस्ट किया जाने लगा है. ऐसे में इन स्कूलों के पास सिर्फ दो ऑप्शन ही बचते हैं, या तो वह ज्यादा ली गई फीस वापस करें या फिर उसका समायोजन करें. ऐसा नहीं करने पर स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है.

सभी स्कूलों का डाटा चेक किया जा रहा है. अभी तक 15 स्कूल ऐसे मिले हैं जिनमें अधिक फीस लेने का मामला सामने आया है. उनकी रिपोर्ट को कमेटी के सामने रखा जाएगा.

एसपी द्विवेदी, जेडी