टाटा स्टील ब्लू मून के चार अधिकारी के खिलाफ मामला

- दलमा वन प्राणी आश्रयणी ने कोर्ट में प्रस्तुत किया रिपोर्ट

छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र : हाथियों के लिए संरक्षित दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी के अंतर्गत मिर्जाडीह में एक मादा हाथी की मौत 4 जुलाई को बिजली तार की चपेट में आने से हो गई थी. इस संबंध में दलमा वन्य प्राणी आश्रयणी द्वारा जमशेदपुर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल किया गया. जिसके खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया गया उनमें टाटा स्टील ब्लूमून के मैनेजर अनिल कुमार भट्टाचार्य, सहायक मैनेजर अमिताभ देव, सहायक मैनेजर डी कालीदास व भाष्कर राय के अलावा हरिचंद्र सिंह उर्फ पेलू फदलोगोड़ा, तुलसी मिस्त्री मानगो, तिलेश्वर महतो कनीय विद्युत अभियंता मानगो, संजय कुमार सहायक अभियंता विद्युत अवर प्रमंडल मानगो शामिल हैं.

क्या है चार्जशीट में

न्यायालय को भेजे गए चार्जशीट में कहा गया है कि विद्युत विभाग के मिस्त्री व कनीय-सहायक अभियंता ने टाटा स्टील ब्लूमून को लाभ पहुंचाने के लिए 11 हजार वोल्ट विद्युत प्रस्ताव लाइन को सड़क की ओर से नहीं ले जाकर जान बुझकर नक्शा में दिखाए गए मिर्जाडीह पीएफ क्षेत्र से सटे भाग से ले जाना व घुमाकर टाटा स्टील को लाइन देना, वन्य प्राणी आश्रयणी क्षेत्र में 11 हजार वोल्ट का रख रखाव नहीं करने के कारण ही मात्र 4 फीट की उंचाई से विद्युत धारा प्रवाहित होना, वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 27(2), 29, 39, 51 एवं 58 का उलंघन किया गया, जो गैर जमानतीय एवं संज्ञेय अपराध है. इसलिए न्यायालय से अनुरोध किया गया है कि उपरोक्त सभी अभियुक्तों को अधिक से अधिक सजा दिया जाए.