- प्रदर्शन और जुलूसों के चलते चौराहे ही नहीं, गलियां भी हुई जाम का शिकार

- पूरे दिन राजधानी में रेंगते चलते नजर आए वाहन

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LUCKNOW: भारत बंद का असर राजधानी समेत पूरे प्रदेश में मिला-जुला देखने को मिला. कई जिलों में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताने को अनोखे तरीके भी अपनाए. राजधानी में इस दौरान हुए प्रदर्शनों के चलते जाम का भरपूर असर पूरे शहर में दिखाई दिया. शहर के प्रमुख चौराहों पर दिन भर जाम लगता रहा, वहीं जाम खुलवाने के लिए सिविल पुलिस को काफी पसीना बहाना पड़ा. हजरतगंज जीपीओ में प्रदर्शन, जुलूस के चलते पूरे दिन ट्रैफिक रेंगता नजर आया. आलम यह था कि यहां के आसपास की गलियों में भी लंबा जाम लग गया. लोग घंटों जाम में फंसे रहे. तीन मिनट का सफर उन्हें तीस मिनट में करना पड़ा.

पुलिस की छूटे पसीने

गलियों और मेन रोड पर जाम लगने के चलते लिंक रोड में भी ट्रैफिक जाम हो गया. चौराहों पर ट्रैफिक कंट्रोलर नदारत रहे. दोपहर एक बजे से लगे जाम से आखिरकार शाम 7 बजे तक भी लोगों को निजात नहीं मिल सकी. वहीं सुबह डीजीपी ओपी सिंह खुद प्रमुख चौराहों और मार्केट पर जाकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने निकले. हालांकि कांग्रेस ने पहले से ही कह दिया था कि वे व्यापारियों से स्वेच्छा से बंदी की अपील करेंगे लेकिन इसके बाद भी शहर में कुछ जगहों से दुकानें बंद कराने को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और व्यापारियों में नोक-झोंक हुई. भूतनाथ मार्केट में व्यापार मंडल के पदाधिकारियों और प्रदर्शनकारियों के बीच दुकानें बंद कराने पर बहस हुई.

मत्था टेक किया बंद का आगाज

राजधानी में कुछ जगहों पर व्यापारियों ने अपनी दुकानें स्वेच्छा से बंद रखीं तो कहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोगों से अपील कर दुकानें बंद कराई. बंद को देखते हुए प्रशासन ने प्रमुख चौराहों और मार्केट एरिया में पुलिस के साथ ही पैरा मिलिट्री फोर्स तैनात की थी. सुबह करीब 9.30 पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राज बब्बर वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के साथ हजरतगंज हनुमान मंदिर पहुंचे. वहां माथा टेकने के बाद जुलूस के रूप में कांग्रेसियों ने हजरतगंज में व्यापारियों से दुकानें बंद करने की अपील की. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न समूहों में शहर की प्रमुख बाजारों में घूमकर दुकानें बंद करने की अपील की. जिसके बाद बहुत से दुकानदारों ने थोड़ी देर के लिए दुकानें बंद कर लीं. हजरतगंज के साथ ही गोमती नगर, अमीनाबाद, नजीराबाद आदि इलाकों में बंद का असर देखने को मिला.

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इक्का, खच्चर पर निकाली रैली

बंदी की अपील करने के साथ ही कांग्रेस व अन्य राजनैतिक दलों के लोगों ने इक्का से कार खीच पेट्रोल की कीमतों में वृद्धि पर विरोध दर्ज कराया. वहीं खच्चर रैली निकालकर संदेश दिया कि अगर पेट्रोल के दाम कम न किए गए तो हमें फिर से पुराने पैटर्न पर लौटना पड़ेगा. वहीं गोंडा में महिलाओं ने चूल्हे पर खाना पकाकर तो वाराणसी में फूल देकर विरोध जताया. बलिया में बैलगाड़ी और मथुरा में भैंसागाड़ी पर सवार होकर जमकर नारे लगाए गए. फीरोजाबाद में प्रधानमंत्री का पुतला फूंकने को लेकर पुलिस से झड़प हुई तो बुलंदशहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया. वाराणसी में सपा कार्यकर्ताओं ने बेडि़यां पहनकर सरकार का विरोध किया. मुरादाबाद में कांग्रेसियों ने बैलगाड़ी पर स्कूटर रखकर प्रदर्शन किया. महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने ई-रिक्शा से कार को खिंचवाया. कांग्रेसी रेलवे स्टेशन पहुंच गए, वहां पैसेंजर ट्रेन के इंजन पर चढ़ गए. संभल में अर्धनग्न होकर नारेबाजी की. कुशीनगर के पडरौना में पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री कुंवर आरपीएन सिंह ने रिक्शा चला विरोध प्रकट किया.

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सड़कों पर कांग्रेस, राजभवन में सपा

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर के नेतृत्व में सोमवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भारत बंद को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी और सड़कों पर आकर लोगों से बाजार बंद कराने की कवायद में जुटे रहे. वहीं दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने भी सभी जिलों के तहसील मुख्यालय पर विभिन्न मुद्दों को लेकर धरना-प्रदर्शन कर अपना विरोध जताया. राजधानी में सपा के वरिष्ठ नेताओ के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन जाकर राज्यपाल राम नाईक को ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें प्रदेश में ध्वस्त कानून व्यवस्था, बढ़ती महंगाई और 68,500 प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती में अनियमितताओं के मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया.

कोट

जनता बंद को जन आन्दोलन का रूप देती दिखाई दी. आम जनता की जरूरत को विशेष ध्यान रखते हुए चिकित्सा, मेडिकल स्टोर, दैनिक जरूरत एवं खराब होने वाले कच्चे माल जैसी वस्तुओं को बंद में शामिल नहीं किया गया. सरकार विचलित नजर आई तथा प्रशासन एवं पुलिस के माध्यम से बंद को असफल बनाने का प्रयास किया.

राजबब्बर

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष

कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष का भारत बंद असफल रहा. जनता नकारात्मक राजनीत करने वाली कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों को लगातार नकार रही है. हिंसा और आगजनी से हुई जन-धन हानि के लिए कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जिम्मेदार है. जनता यह समझती है कि पेट्रोल की बढ़ती कीमतों के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण है.

डॉ. महेंद्र नाथ पांडे

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष

नोटबंदी, जीएसटी, दलित, किसान, नारी व युवा उत्पीड़न, महंगाई, बेरोजगारी, पेट्रोल-डीजल के रोज बढ़ते दाम, अमीरों से मुनाफाखोरी के सौदे भाजपा के जनविरोधी कारनामे रहे हैं. अब तो जनता को ऐसा लगने लगा है कि भाजपा जनता को दुख देने और परेशान करने की एक प्रयोगशाला खोलकर बैठी है.

अखिलेश यादव

सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष