छ्वन्रूस्॥श्वष्ठक्कक्त्र: बिष्टुपुर मेन रोड स्थित लक्ष्मी मेंशन के एक भाग पर कब्जे को लेकर मंगलवार को हुई मारपीट में पांच लोग घायल हो गए. मौके पर मौजूद लोगों से मिली जानकारी के मुताबिक दोपहर करीब दो बजे 30 लड़के लाठी-डंडे और हरवे-हथियार से लैस होकर बिल्डिंग में घुसे और फ‌र्स्ट फ्लोर में स्थित अविष्कार ग्रुप के ऑफिस के गार्ड और कर्मचारियों को पीट कर लहूलुहान कर दिया.

मौके पर पहुंची पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस पहुंच गई, लेकिन तब तक बिल्डर के साथ दूसरा पक्ष भी थाने पहुंच गया. दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है. इसमें संजीव कुमार ने रतन महतो, एम निवासन, आशीष कुमार समेत 30 के खिलाफ जानलेवा हमला कर घायल करने का मामला दर्ज कराया है. घटना के बाद मौके पर पुलिस के जवान और वज्र वाहन की तैनाती कर दी गई है.

खाली नहीं की बिल्डिंग

बिल्डर शिबू बर्मन ने बताया कि अविष्कार ग्रुप ने वर्ष 2004 में कन्वर्सन स्कीम के तहत मकान मालिक हेमेंद्र अशर व मल्लिका अशर से प्रापर्टी का हस्तांतरण किया था. तय हुआ था कि मकान मालिक सभी किरायेदार को खाली कराएंगे, तब बिल्डिंग की रिपेयरिंग की जाएगी. इस बीच बिल्डर के आग्रह पर इंडियन ओवरसीज बैंक ने भवन खाली कर दिया, लेकिन बाकी के दुकानदार-किरायेदार ने खाली नहीं किया. इधर प्रशासनिक निर्णयों की वजह से नक्शा पास करने में रोक लगी, तो अन्य कारणों से भी काम शुरू नहीं हो सका. इस बीच कोलकाता निवासी अशर दंपति ने एग्रीमेंट कैंसिल कर दिया. हालांकि, इसके खिलाफ बिल्डर जब कोर्ट गया, तो निर्णय उसके पक्ष में आ गया. अब कानूनी रूप से लाचार होने की वजह से मकान मालिक मारपीट और धमकी देकर बिल्डर पर दबाव बना रहा है. बिल्डर का कहना है कि मारपीट करने वाले एक बार फिर भारी संख्या में दोबारा आ धमके, लेकिन पुलिस इसे गंभीरता से नहीं ले रही है. उन्हें आशंका है कि जिस तरह से यह घटना हुई है, उसमें वे लोग उनके आदमी की हत्या भी कर सकते हैं.