- महज एक बस ही एजुकेशनल इंस्टीट्यूट के नाम पर रजिस्टर्ड

- फिटनेस जांच के लिए नही पहुंचे वाहनों पर कैसे होगी कार्रवाई

MEERUT । एक तरफ आरटीओ विभाग स्कूली बच्चों की सुरक्षा के लिए शहर की सड़कों पर धड़ल्ले से फर्राटा भर रही स्कूल बसों के खिलाफ अभियान चलाने की योजना बना रहा है। वहीं दूसरी तरफ विभाग के रजिस्टर्ड वाहनों के आंकड़ों से स्कूली वाहनों का डाटा ही गुम हो गया है। हालत यह है कि विभाग को खुद नहीं पता कि स्कूल में संचालन के लिए कुल कितने वाहन पंजीकृत है। हालांकि, रिकार्ड गायब होने की खबर के बाद विभागीय अधिकारियों में खलबली मच गई है।

महज एक बस

आरटीओ विभाग द्वारा जनपद में पंजीकृत वाहनों की सूची पर नजर डालें तो कामर्शियल वाहनों में कुल पंजीकृत बसों की संख्या 4533 है। इनमें सीएनजी 329, पेट्रोल 38 और डीजल बस 4163 है। इससे अलग मात्र एक बस एजूकेशनल इंस्टीटयूट बस के नाम पर ही पंजीकृत है। जबकि विभाग के आला अधिकारियों के अनुसार करीब 11 सौ के करीब स्कूली वाहन पंजीकृत हैं।

कैसे होगी चेकिंग

विभाग द्वारा जारी पंजीकृत वाहनों की सूची में स्कूली वाहनों का डाटा अपडेट ना होने से विभाग का स्कूली वाहनों के खिलाफ अभियान प्रभावित होगा। विभाग ने स्कूलों को नोटिस भेजकर फिटनेस अभियान के लिए स्कूली वाहन को तो बुला लिया लेकिन अब फिटनेस जांच के लिए नही पहुंचे वाहनों को नोटिस व कार्रवाई में डाटा बाधा बनेगी।

वर्जन-

11 सौ के करीब स्कूली वाहन पंजीकृत हैं हो सकता कि स्कूली वाहनों का डाटा प्रिंट ना हो सका हो लेकिन डाटा उपलब्ध है उसी के अनुसार नोटिस भेजे जाएंगे।

- सीएल निगम, आरआई