- शोध छात्रा ने एसएसपी को पत्र देकर लगाई थी गुहार

- बेटे को फर्जी तरीके से स्कालरशिप दिला रहे थे प्रोफेसर

GORAKHPUR:

गोरखपुर यूनिवर्सिटी केदर्शनशास्त्र विभाग के प्रोफेसर दीप नारायण यादव और उनके बेटे मनोज यादव के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज हुआ है. शोध छात्रा पायल की तहरीर पर पुलिस ने उनके खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर क्रिमिनल एक्टिविटी करने, जानमाल की धमकी देने, विश्वासन तोड़ने सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया है. पूर्व में भी छात्रा ने प्रोफेसर और उनके बेटे पर अश्लील वीडियो बनाने और धमकी देने का मामला दर्ज कराया था. मामला दर्ज करके पुलिस जांच में जुटी है.

कमेटी का चेयरमैन बनकर दिलाया था लाभ

सूबा बाजार की प्रेम सागर कालोनी निवासी पायल साहनी ने पुलिस को बताया कि दिसंबर 2012 में गड़बड़ी गई. शोध छात्र मनोज यादव ने एग्जाम दिया था. उनके पिता प्रोफेसर दीप नारायण यादव ने फर्जी तरीके से स्कालरशिप दिलाने का प्रयास किया. तब तत्कालीन एचओडी प्रोफेसर सीपी श्रीवास्तव ने आपत्ति जताई. 26 सितंबर 2014 को पत्र लिखकर वीसी को जानकारी दी. छात्र के प्रोफेसर पिता ने पैरवी करके मामला शांत करा दिया. लेकिन स्कालरशिप पर रोक लग गई. फिर आठ जून 2015 को दीप नारायण एचओडी बन गए. खुद कमेटी के चेयरमैन बन गए. तब भी मनोज यादव को स्कालरशिप मिलती रही. छात्रा ने मामले की शिकायत कर दी थी जिससे नाराज होकर प्रोफेसर उसके धमकाते रहते थे. आरोप है कि 11 सितंबर को यूनिवर्सिटी कैंपस में प्रोफेसर, उनके बेटे और कुछ अन्य साथियों ने घेरकर जानमाल की धमकी दी. पायल ने एसएसपी से मिलकर मामले की शिकायत दर्ज कराई.