- भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई तो हुई थी, लेकिन नहीं हुआ था मुकदमा दर्ज

- न्यायालय के आदेश पर हुआ मुकदमा दर्ज

आगरा. नहरों की खुदाई, सफाई, सिल्टिंग, स्क्रेपिंग समेत कई कार्यो के नाम पर नहर विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदारों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये का गबन किया था. इसकी शिकायत किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने कमिश्नर से लेकर हर स्तर पर शिकायत दर्ज की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अदालत के आदेश पर नहर विभाग के अधिकारी व ठेकेदारों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज हुई है. यूथ होस्टल में आयोजित पे्रस वार्ता में किसान नेता मोहन सिंह चाहर ने बताया कि लंबी लड़ाई के बाद भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हो सका है.

आरोप हुए सही साबित

किसान नेता श्याम सिंह चाहर ने बताया कि नगर की सफाई के साथ अन्य कार्यो के नाम पर विभाग के अधिकारियों ने करोड़ों रुपये का बंदरबांट किया. इसकी शिकायत की गई. जिसमें संयुक्त जांच कमेटी गठित हुई. शिकायतें सहीं पाई गई. उन्होंने बताया कि नहर विभाग के अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही तो हुई, लेकिन उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया. किसान नेता ने भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की मांग की, लेकिन उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज नहीं कराया गया. इसके बाद श्याम सिंह चाहर इस प्रकरण को लेकर न्यायालय पहुंचे. अधिवक्ता अजय चाहर ने न्यायालय में पक्ष रखा. इसके बाद न्यायालय ने आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराए जाने के निर्देश दिए हैं.

जान से मारने की दी है धमकी

श्याम सिंह चाहर ने बताया कि नहर विभाग के आरोपी अधिकारियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है. किसान नेता ने कहा कि न्याय की लड़ाई में जान भी चली जाए तो कोई गम नहीं है.

ये थे मौजूद

इस मौके पर अतुल सिरोही, अजय चाहर, देव प्रकाश, भेषचंद्र शर्मा, राजेंद्र सिंह, कमलेश कुमार, देवी सिंह छौकर,भीकम दुबे, सुल्तान सिंह, प्रथ्वी सिंह, रामस्वरूप, दाताराम, रामवीर आदि मौजूद थे.