राजस्व को क्षति पहुंचाने वाले मीटर रीडरों पर सख्त हुआ डिस्कॉम

गलत रीडिंग लेने पर एजेंसी पर लगाई 2.12666 लाख की पेनल्टी

Meerut. विद्युत मीटर से रीडिंग लेते समय निजी एजेंसियों के कर्मचारियों की लापरवाही और जल्दबाजी के चलते कई बार ना सिर्फ आम उपभोक्ताओं को अधिक बिल का भुगतान करना पड़ता बल्कि खुद विद्युत विभाग के राजस्व में इस कारण हर माह लाखों की क्षति हो रही है. बिल संबंधी शिकायतों में लगातार बढ़ रही गलत रीडिंग की समस्या को ध्यान में रखते हुए अब विद्युत विभाग ने रीडिंग कराने वाली एजेंसियों पर लगाम कसनी शुरू कर दी है. इसके तहत अब गलत रीडिंग नोट करने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ विद्युत विभाग द्वारा एफआईआर दर्ज कराई जाएगी.

खत्म होगी एजेंसी की मिलीभगत

दरअसल, एजेंसियों द्वारा मीटर रीडिंग के लिए लगाए गए कर्मचारियों की कई उपभोक्ताओं से सेटिंग के चलते उपयोग की गई बिजली की कम यूनिटों को फीड कर बिल को कम कर दिया जाता है. इस प्रकार के खेल के चलते विद्युत विभाग को लगातार राजस्व का नुकसान हो रहा है. इसे रोकने के लिए विभाग ने अब संबंधित कर्मचारी के खिलाफ एफआईआर और एजेंसी के खिलाफ जुर्माने का आदेश जारी ि1कया है.

एजेंसी पर जुर्माना

हाल ही में विद्युत विभाग ने गलत रीडिंग लेने पर कंप्यूटरोनिक्स इंडिया प्रा. लिमिटेड से बतौर पेनल्टी 2.12666 लाख की कटौती का आदेश जारी किया था. इसके साथ ही संबंधित मीटर रीडर के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई गई. विभाग ने सभी एजेंसियों के गत माह के रिकार्ड और उपभोक्ताओं के कनेक्शन के लोड के अनुसार बिजली बिलों का मिलान शुरू कर पुराने कनेक्शनों की बिलिंग की जांच शुरू कर दी है.

गत सप्ताह बोर्ड बैठक में एक एजेंसी पर जुर्माना लगाया गया था. ऐसी कई अन्य एजेंसियों की जांच की जा रही है. जहां गड़बड़ मिलेगी वहां एफआईआर दर्ज की जाएगी.

बीएस यादव, चीफ इंजीनियर

फेम ऐप से तलाशेंगे बिजली के फॉल्ट

विद्युत लाइन में फॉल्ट को जल्द से जल्द दूर करने और बिजली मीटर को और अधिक पॉवरफुल बनाने के लिए मोबाइल ऐप का सहारा लिया जाएगा. बिजली विभाग इसके लिए फेम नाम की ऐप का संचालन करेगा. इसके तहत विभागीय कर्मचारी ग्रामीण क्षेत्रों में घर घर जाकर मीटर की जानकारी को ऐप में अपडेट करेंगे.

मासिक बिल में आएगा सुधार

फेम यानि फील्ड एक्टीविटी मॉनीटरिंग ऐप पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम द्वारा पहली बार शुरु किया जा रहा है. यह ऐप गूगल प्ले से मोबाइल पर डाउनलोड किया जाएगा. इस ऐप द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में अनमीटर्ड से मीटर्ड ओर शहर के मीटर्ड उपभोक्ताओं के लेजराईजेशन का कार्य ऑन द स्पॉट किया किया जाएगा. इससे उपभोक्ताओं का मासिक विद्युत बिल खपत के अनुसार आएगा. मौके पर ही मीटर का फोटो ऐप पर अपलोड कर पूरा अपडेट किया जाएगा.

फॉल्ट की मिलेगी जानकारी

विद्युत विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में घर घर जाकर मीटर लगाए जा रहे है. अब एक ऐप के माध्यम से मीटर की जानकारी फेम ऐप पर अपलोड की जाएगी. इससे उपभोक्ताओं को घर बैठे मीटर के साथ नया संयोजन मिल सकेगा. उपभोक्ताओं को बिलिंग संबंधी कमियों से निजात मिलेगी और अनावश्यक विभाग के चक्कर नही लगाने पडेंगे. इसके साथ ही विभाग मीटर व लाइन में होने वाले फॉल्ट को आसानी से लोकेट कर सकेगा. एप से ही मीटर या लाइन में होने फॉल्ट का पता चल जाएगा. चीफ इंजीनियर बीएस यादव ने बताया कि इस ऐप का गत सप्ताह एमडी पॉवर की बैठक मे प्रजेंटेशन दिया गया था. ऐप का पूरा प्रोसेस अभी क्लीयर नही है इस माह से इस ऐप के जरिए काम शुरु होगा.