MEERUT। शुक्रवार को सूरत के तक्षशिला कॉम्प्लेक्स हादसे के बाद यहां भी फायर विभाग नींद से जाग उठा। आनन-फानन में शहरभर के कोचिंग संस्थानों पर छापे मारने की औपचारिकता पूरी की गई। अब विभाग लापरवाही बरतने वाले संस्थानों को नोटिस जारी करने जा रहा है।

दिनभर चली जांच

शनिवार को चीफ फायर अधिकारी अजय कुमार शर्मा ने मेरठ के लगभग 8-10 कोचिंग सेंटर्स और बैंक व अन्य कार्यालयों में आग बुझाने के इंतजामों की जांच की। वहीं, फायर सेफ्टी अफसर संजीव ने शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में 17 कोचिंग इंस्टीट्यूट में छापेमारी की। कई जगह मानकों का उल्लंघन होता मिला।

लिफ्ट मिली बंद

मंगल पांडे नगर में हाईराइज बिल्डिंग में चढ़ने और उतरने के लिए एक ही सीढ़ी थी। यहां लिफ्ट भी काम नहीं कर रही थी। यहां स्थित कोचिंग सेंटर में फायर फाइटिंग इंतजाम पूरे नहीं मिले। सेंटर संचालक कुमार गौरव ने बताया कि बिल्डिंग मालिक को पिछले 2 साल से फायर फाइटिंग सिस्टम लगाने के लिए कहा है, लेकिन वह लापरवाही बरत रहा है।

एक्सपायर सिस्टम

यूनिवर्सिटी रोड स्थित पार्क प्लाजा में हाईराइज बिल्डिंग में फायर फाइटिंग सिस्टम नहीं मिला। मेन गेट पर लगे दो अग्निशमन यंत्र 24 सितंबर 2016 में ही एक्सपायर हो चुके थे। यहां स्थित इंस्टिट्यूट में बच्चों को आग के खतरों के बारे में जागरुक किया गया। यहां सेंटर संचालक राहुल ने फायर विभाग की हिदायत पर जल्द से जल्द मानकों को पूरा करने का भरोसा दिया। इसी बिल्डिंग में एक इंश्योरेंस कंपनी के कार्यालय में भी मानक पूरे नहीं मिले। यहां कर्मचारियों को अग्निशमन यंत्र चलाना सिखाया गया। गढ़ रोड स्थित एक इंस्टीट्यूट में अग्निशमन यंत्र और फायर सेंसर सिस्टम सही काम कर रहे थे। फिर भी यहां पूरे सिस्टम को प्रॉपर नहीं पाया गया। सेंटर संचालक यश श्रीवास्तव ने बताया कि खामियों को जल्द पूरा किया जाएगा। सीएफओ ने यहां एक बैंक के कार्यालय में स्मोक डिटेक्टर डिवाइज का लाइव डेमो दिया और लोगों को अवेयर किया।

लापरवाही बरतने वाले कोचिंग सेंटर्स को नोटिस जारी किया जा रहा है। कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन को भी अवगत कराया जाएगा।

अजय कुमार शर्मा, सीएफओ