- दुकान पर बैठे हुए थे बदमाश, पहले से जानता था सिपाही

- तलाशी लेने पर बदमाश ने निकाली पिस्टल, फायर किए

आगरा. लगातार दूसरे दिन गोलीकांड से शहर सनसनी फैल गई. इस बार बदमाशों के निशाने पर खाकी थी. बदमाशों को देख तलाशी लेने पहुंचे सिपाही पर फायरिंग कर दी. गोली सिपाही के पैर में लगी. पुलिस घायल को निजी हॉस्पिटल में एडमिट कराया, जहां उसकी हालत स्थिर बनी हुई है. वहीं, पुलिस बदमाशों की खोज में जुटी हुई है.

घर पर जा रहा था सिपाही

थाना सदर की स्पेशल टीम में तैनात सिपाही नवेद आलम थाना ताजगंज के नगला मेवाती में रहता है. गुरुवार शाम चार बजे वह बाइक से सादा कपड़ों में अपने घर जा रहा था. उस दौरान पर्यटन थाने से कुछ आगे एक चाय के होटल पर दो बदमाश पहले से बैठे हुए थे. सिपाही उन्हें जानता था. सिपाही बाइक से उतर कर उनके पास आ गया. सिपाही को आता देख बदमाशों ने उसे भाई जान बोल कर सम्बोधित किया. कोल्ड ड्रिंक पीने का आग्रह किया. इस पर सिपाही ने पास पहुंचकर बदमाशों से तलाशी देने को बोला. सिपाही ने एक बदमाश की कमर में हाथ डाला, तो उसने विरोध शुरू कर दिया. उनमें हाथापाई हो गई ये देख दुकानदार वहां से भाग लिया. एक बदमाश ने कमर से पिस्टल निकाल कर दूसरे की तरफ उछाल दी.

पहले कनपटी पर मारी गोली

पुलिस के मुताबिक बदमाशों के नाम शाहरुख निवासी ताजनगरी फेस-2 व वैभव निवासी राजपुर चुंगी नगर बताए गए हैं. पुलिस के मुताबिक शाहरुख ने पिस्टल वैभव की तरफ फेंकी. सिपाही वैभव की तरफ लपका तो शाहरुख ने उसे पीछे से पकड़ लिया. शाहरुख चीखा कि गोली मार दे. इस पर वैभव ने कनपटी पर पिस्टल रख कर दो फायर ठोंक दिए, लेकिन फायर मिस हो गए. इसके बाद सिपाही ने बचने के लिए दौड़ लगा दी तो बदमाशों ने उसके पैर की तरफ फायर किया. गोली उसके सीधे पैर की जांघ में लगी.

हॉस्पिटल में कराया एडमिट

घटना के बाद बदमाश बाइक पर बैठ वहां से भाग निकले. सीओ सदर मय फोर्स के पहुंच गए. सिपाही को उपचार के लिए निजी हॉस्पिटल में एडमिट कराया. पुलिस के मुताबिक सिपाही की हालत खतरे से बाहर है. मौके पर एसएसपी अमित पाठक भी पहुंच गए.

पिस्टल सप्लायर है शाहरुख

सीओ सदर उदयराज सिंह के मुताबिक बदमाश शाहरुख हथियारों का बड़ा सप्लायर है. दो साल पहले वह ताजगंज से पिस्टल बरामदगी में जेल गया था. इसके अलावा वह लूट भी करता है. 2010 में वह लूट के मामले में जेल गया था. वैभव का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है. शाहरुख पहले शहीद नगर में किराए पर रहता था. अब फेस-2 में अपनी बहन के यहां पर रहता है, जबकि वैभव राजपुर चुंगी पर किराए पर रहता है.

हथियार न होने से सिपाही पड़ा कमजोर

जिस दौरान सिपाही की बदमाशों से झड़प हुई थी, उस दौरान सिपाही के पास अपना हथियार नहीं था. यदि सिपाही के पास भी हथियार होता तो वह बदमाशों के फायर का जवाब दे सकता था.