थाना फतेहाबाद क्षेत्र में सुबह फायरिंग से फैली दहशत

फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश की गई है शुरू

आगरा. थाना फतेहाबाद स्थित अम्बेडकर चौक पर फेमस मिठाई विक्रेता पर बाइक सवार बदमाशों ने फायर कर दिया. गोली एक कस्टमर के लग गई. बदमाश हवाई फायर कर फरार हो गए. घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई.

मॉर्निग में आए बदमाश

फतेहाबाद कस्बा निवासी सुभाष पैंगोरिया की अम्बेडकर चौक पर पैंगोरिया मिष्ठान भंडार के नाम से दुकान है. सुबह 7:30 बजे सुभाष पैंगोरिया घर से दुकान पहुंचे. वह अंदर जाने के लिए सीढि़यों पर खड़े थे, तभी एक बाइक पर आए तीन बदमाश आए. पीछे बैठे दो बदमाशों के हाथ में तमंचे थे. दोनों ने फायर कर दिया. सुभाष पैंगोरिया बचने के लिए दौड़कर दुकान के अंदर गए. दुकान स्वामी तो बाल-बाल बच गए, लेकिन गोली कस्टमर के लग गई. यह कस्टमर फतेहाबाद के नगला मावई निवासी अशोक पुत्र रामनाथ है. गोली लगने से अशोक जख्मी हो गया. उसे निजी अस्पताल में एडमिट कराया. इसके बाद आगरा रेफर कर दिया.

व्यापारियों में फूटा आक्रोश

घटना को अंजाम देकर बदमाश हवाई फायर करते हुए बाह रोड की तरफ भाग निकले. घटना की जानकारी होने पर सैकड़ों की संख्या में व्यापारी मौके पर जमा हो गए. घटना से व्यापारियों में आक्रोश फैल गया. मौके पर एसपी ग्रामीण नित्यानंद मय फोर्स के पहुंच गए. क्षेत्रीय विधायक जितेंद्र वर्मा भी मौके पर आ गए. दोपहर 12 बजे करीब एसएसपी अमित पाठक व एसपी क्राइम मनोज सोनकर भी मौके पर पहुंच गए.

सीसीटीवी में कैद घटना

मौके पर पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज चैक किए, इसमें बाइक पर बैठे तीन बदमाशों में से दो बदमाशों के चेहरे दिखाई दे रहे थे, जबकि तीसरा बदमाश हेलमेट लगाए हुए था. पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी तलाश कर रही है. एसएसपी और एसपी ने सीसीटीवी देखा तो उसमें बदमाश फायर करते हुए साफ दिखाई दे रहे हैं. सुभाष पैंगोरिया के मुताबिक इन बदमाशों के आस-पास दो बाइकें और भी थीं, जो पहले से वहां पर मौजूद थीं. दोनों बाइकों पर दो-दो बदमाश थे. बदमाश पहले से रेकी कर रहे थे.

पहले भी हुआ है हमला

सुभाष पैंगोरिया पर ये कोई पहला हमला नहीं है. इससे पहले वर्ष 2013 में भी बाइक सवार बदमाशों ने सुभाष पैंगोरिया पर फायर किया था. इसके बाद 4 फरवरी 2017, 30 जनवरी 2018 तथा अब 8 जून 2018 को फायरिंग की गयी. वर्ष 2017 में कॉल पर धमकी देकर पांच लाख की चौथ मांगी गई थी. सूत्रों के मुताबिक कॉल धौलपुर की जेल से कह गई थी.