सीबीएसई ने दोबारा जारी किया सर्कुलर, अन्य गाइडलाइन भी हुई जारी

बोर्ड ने 2005 में भी जारी किए थे निर्देश, लेकिन नहीं हुआ अनुपालन

Meerut. अगर आपका बच्चा सीबीएसई स्कूल में पहली और दूसरी क्लास में पढ़ता है और आपको उसके एग्जाम की चिंता हैं तो इस चिंता को अब छोड़ दीजिए. वजह छोटे बच्चे तनाव से मुक्त रहें और खेल-खेल में पढ़ाई करें इसके लिए सीबीएसई ने पहली और दूसरी कक्षा के बच्चों को फेल न करने का फरमान जारी कर दिया है.

यह है वजह

सीबीएसई का मानना है कि छोटे बच्चों का मन बहुत कोमल होता है, ऐसे में स्कूल की पढ़ाई के दौरान बच्चों को जरा भी तनाव न हो इसके लिए यह फैसला दोबारा लागू किया गया है. यह निर्देश बोर्ड ने 2005 में भी जारी किए थे लेकिन उनका अनुपालन ठीक तरह से नहीं हो पाया था. इस बार बोर्ड ने सख्ती से इन नियमों को लागू करने के लिए सभी स्कूलों को निर्देश जारी किए हैं.

ये भी निर्देश हुए हैं जारी

- पहली और दूसरी क्लास के बच्चों की कोर्स बुक्स को स्कूल में ही छोड़ा जाएगा.

- बच्चों को खेल- खेल में ही सिखाने पर जोर दिया जाएगा.

- इन क्लासेज में बच्चों को फेल करने का कोई सिस्टम नहीं होगा.

- तीसरी से पांचवीं तक के बच्चों को होमवर्क नहीं दिया जाएगा.

- प्राइमरी लेवल पर ही बच्चों को म्यूजिक, आर्ट जैसे विषयों के बारे में बताया जाएं और इस और उनका रूझान बनाया जाया.

- बच्चों को क्लास लाइब्रेरी के बारे में बताया जाएगा.

-----------

छोटे बच्चों के विकास के लिए जरूरी है कि उन पर किसी प्रकार का प्रेशर न डाला जाए. सीबीएसई का यह नियम काफी बेहतर है.

निधि मलिक, प्रिंसिपल, सेंट जेवियर्स व‌र्ल्ड स्कूल

पहली और दूसरी क्लास में बच्चों को फेल करने से उनका मानसिक विकास रुक सकता है. उनकी क्षमताओं को पास-फेल की बजाय उनके लर्निग स्किल्स से करनी चाहिए.

प्रीति मल्होत्रा, प्रिंसिपल, द आर्यस