मिस्ड कूलिंग की व्यवस्था रही बंद

- नहीं काम कर रहा एयरकूलिंग सिस्टम

- अब तक फूड कोर्ट नहीं हो सके शुरू

- बसों के चक्कर में भटक रहे यात्री

luclnow@inext.co.in

LUCKNOW:

करोड़ों की लागत से बने आलमबाग बस टर्मिनल से गुरुवार को बसों का संचालन तो शुरू हो गया लेकिन एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं का किया गया दावा हवा हवाई साबित हुआ. यहां सरकुलिंग एरिया में यात्रियों का पसीना छूटता रहा. फूड कोर्ट खुले नहीं और मिस्ड कूलिंग को लोग मिस करते रहे. प्लेटफॉर्म पर खाने-पीने की दुकानों पर भी महंगाई की मार देखने को मिली.

पार्किंग को लेकर तकरार

बस टर्मिनल के नीचे बनी पार्किंग से ही यहां की बदइंतजामी नजर आ गई. यहां वाहन खड़ा कर अड्डा देखने जाने वालों से गार्ड भिड़ रहे थे. उनका कहना था कि यहां सिर्फ रोडवेज और कंपनी से जुड़े लोगों की ही गाडि़यां खड़ी होंगी. इस तकरार के बाद बहुत से लोग वहां से अपने वाहन लेकर वापस चले गए.

सरकुलिंग एरिया में छूटा पसीना

बस टर्मिनल में दाखिल होते ही सरकुलिंग एरिया बना है. इसमें डिस्प्ले बोर्ड, टिकट सेल करने वाले काउंटर, जानकारी देने वाले पूछताछ केंद्र और यात्रियों के बैठने के लिए कुर्सियां पड़ी हैं. सरकुलेटिंग एरिया पूरी तरह एयरकूल्ड है. लेकिन तकनीकी खराबी के चलते यहां पर कूलिंग कम रही और यात्री गर्मी में पसीना बहाते दिखे.

नहीं हुई मिस्ड कूलिंग

टिकट लेने के बाद जब यात्री जब प्लेटफार्म के निकट पहुंचे तो यहां उन्हें मिस्ड कूलिंग की सुविधा नहीं मिली. सिर के ऊपर लगी पानी के फौव्वारे उड़ाने वाली मशीनें बंद थीं. ऐसे में प्लेटफार्म के निकट खड़े यात्री उमस से जूझते दिखाई दिए. यहां तैनात अधिकारियों ने बताया कि भीड़ कम है, इसलिए इसका संचालन नहीं किया गया.

दो बस अड्डों के बीच पिस रहे यात्री

आलमबाग बस टर्मिनल से बसों का संचालन अभी पटरी पर नहीं आ सका है. ऐसे में इसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है. कुछ यात्री डायरेक्ट आलमबाग बस टर्मिनल पहुंच रहे हैं. उन्हें वहां पता चलता है कि उनकी बस चारबाग बस अड्डे से मिलेगी. इस पर वे चारबाग बस अड्डे आते हैं. कुछ ऐसी ही स्थिति चारबाग पहुंचने वाले बहुत से यात्रियों के सामने आई. उन्हें अपनी बस पकड़ने के लिए आलमबाग आना पड़ा. हालांकि निगम की ओर से यात्रियों को बसों की जानकारी देने के लिए चारबाग बस अड्डे पर दो बैनर लगाए गए हैं, लेकिन यात्री इसकी ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं.

चाय पड़ रही महंगी

यात्रियों ने बताया कि चारबाग बस अड्डे पर पांच से सात रुपए में चाय मिलती है. यहां चाय 10 रुपए की है. बाकी चीजों के दाम भी चारबाग की तुलना में ज्यादा हैं. चारबाग में ब्रेड पकौड़ा आठ रुपए का है, यहां 15 का. वहीं इस बारे में निगम के अधिकारियों ने बताया कि जिन्हें ठेका दिया गया है, वे ब्रांडेड आइटम बेच रहे हैं. सामान कंपनी से आने वाली एमआरपी पर ही बेचा जा रहा है.

बसों के व्यवस्थित संचालन में अभी कुछ दिन लगेंगे. सरकुलेटिंग एरिया में यात्री परेशानी से जूझ रहे हैं. यहां गर्मी हो रही हैं. इसे ठीक कराया जा रहा है. मिस्ड कूलिंग की व्यवस्था आज नहीं चल सकी. जब यहां पर भीड़ बढेगी़तो उसे शुरू किया जाएगा.

प्रशांत दीक्षित, बीएसएम

आलमबाग बस टर्मिनल

महत्वपूर्ण नंबर

आलमबाग बस टर्मिनल का इंक्वायरी नंबर-9415049544

चारबाग बस अड्डे का इंक्वायरी नंबर- 941504950

सभी फिक्स फोन खराब

बस अड्डे पर लगे सभी फोन खराब हैं. यहां तैनात अधिकारियों ने बताया कि इसे ठीक कराए जाने के लिए संबंधित कंपनी के प्रतिनिधियों से बात हुई है. ये जल्द ही ठीक हो जाएंगे.

लोग आते रहे घूमने

प्लेटफार्म टिकट ना लागू होने से बस टर्मिनल पर दिन भर लोग घूमने के लिए आए. इनमें से बहुत से ने यात्रियों की सीटों पर कई-कई घंटे तक कब्जा जमाए रखा. यहां तैनात अधिकारियों ने बताया कि हमें पता नहीं कौन यात्रा करने आया है और कौन घूमने आया है.

मैं पहले स्कैनिया से लखनऊ आ चुका हूं. ऐसे में मेरे लिए सफर नया नहीं है. आलमबाग बस अड्डा वैसा बना है जैसा यहां पर होना चाहिए था. अब हम लोग कह सकते हैं कि कम से कम एक ढंग का बस अड्डा तो प्रदेश में है.

अरुण यादव

अभी तो थोड़ी बहुत परेशानियां हैं. फूड कोर्ट आदि नहीं खुले हैं. लेकिन अब ऐसा लग रहा है कि हम किसी विदेशी बस अड्डे पर आ गए हैं. व्यवस्थाएं धीरे-धीरे पटरी पर आएंगी.

प्रीति और चिनमय

उम्मीद नहीं थी कि लखनऊ में ऐसा बस अड्डा बनेगा. बस अड्डा तो शानदार बन गया है. अब यात्री सुविधाएं भी बन जाएं तो बात बने. अभी तो यात्रियों को परेशानी हो रही है.

एजाज अहमद

जब यहां यात्री सुविधाएं मिलनी शुरू हो जातीं, तब इस बस अड्डे की शुरुआत होनी चाहिए थी. कई यात्रियों को तो मेरे सामने चारबाग भेजा गया. मैं पहले चारबाग गया था तो मुझे यहां पर बस मिलने की सूचना मिली.

राहुल गावित

मुझे खुशी है कि इस बस अड्डे से पहली बस ले जाने का मौका मुझे मिला. यहां पर यात्रियों के साथ चालकों और परिचालकों की सुविधाओं का भी पूरा ध्यान रखा गया है.

आलोक शर्मा, परिचालक