- 10 सितम्बर तक कराने होंगे छात्र संघ चुनाव, प्राचार्य जारी करेंगे अधिसूचना

- उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने छात्र संघ चुनाव को लेकर ली बैठक

देहरादून,

प्रदेश में पहली बार छात्र संघ चुनाव ईवीएम के जरिए होंगे. जिन डिग्री कॉलेजों के प्राचार्य कॉलेज में ईवीएम से चुनाव की मांग करेंगे उस कॉलेज में उच्च शिक्षा विभाग ने ईवीएम से मतदान कराने के निर्देश दिए हैं. इसके साथ ही पूरे प्रदेश में एक दिन में ही छात्र संघ चुनाव आयोजित होंगे. दैनिक जागरण आईनेक्स्ट ने ईवीएम से मतदान कराने की खबर को पहले ही ब्रेक कर दी थी.

लिंगदोह की सिफारिश का होगा पालन

प्रदेश के उच्च शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार डॉ. धन सिंह रावत ने विधान सभा सभाकक्ष में छात्रसंघ चुनाव के सम्बन्ध में बैठक ली. बैठक में कहा गया पूरे प्रदेश में लिंगदोह सिफारिश के अनुसार एक दिन में छात्रसंघ चुनाव सम्पन्न होगा. लिंगदोह सिफारिश के अनुसार छात्रसंघ चुनाव 10 सितम्बर, छात्र महासंघ के चुनाव 15 सितम्बर से पहले सम्पन्न कराना अनिवार्य है. इसके लिए जल्द सम्बन्धित प्राचार्य अधिसूचना जारी करेंगे.

उत्तराखण्ड पहला राज्य

डॉ. धन सिंह ने बताया कि उत्तराखंड पहला राज्य है, जहां लिंगदोह सिफारिश को व्यवहारिक बनाने के लिए प्रोफेसर धामी की अध्यक्षता में बनायी गई समिति ने संशोधन किया है. इस समिति के अनुसार छात्रसंघ चुनाव में 6 पद चुनाव से एवं 6 पद नामित सदस्यों से लिए जाएंगे. नामित सदस्य में स्नातक और परास्नातक के टॉपर्स, एनसीसी, एनएसएस, रचनात्मक गतिविधियों में शामिल स्टूडेंट्स को शामिल किया जाएगा.

चुनावी खर्चे की सीमा बढ़ाई

बताया गया कि छात्रसंघ चुनाव में खर्चे की सीमा 5 हजार से बढ़ाकर 25 हजार रुपए की गई है. जहां 10 हजार से अधिक छात्र होंगे खर्च की सीमा 50 हजार होगी. महासंघ के खर्च को संचालित करने के लिए 5 रुपए प्रति छात्र वार्षिक लिया जाएगा. छात्रसंघ कोष में प्राचार्य, चुनाव अधिकारी, अधिष्ठाता छात्र कल्याण के साथ अध्यक्ष, महासचिव, कोषाध्यक्ष को संयुक्त रूप से खर्च करने का अधिकार दिया जाएगा. छात्रसंघ चुनाव में चुने गये अध्यक्ष, महासचिव को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में अकादमिक परिषद के अंदर शामिल किया जाएगा. चुनाव के तुरन्त बाद सरकार छात्रसंघ सम्मेलन का आयोजन करेगी. इसमें उच्च शिक्षा गुणवत्ता के लिए सुझाव लिए जाएंगे. उपाध्यक्ष का पद महिला आरक्षित होगा, अध्यक्ष , महासचिव के पद आगामी चुनाव में क्रमवार आरक्षित होगा.