क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ :चैंबर चुनाव को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं. हरमू बायपास रोड स्थित मारवाड़ी भवन को मतदान केन्द्र बनाया गया है, जहां तैयारियां जोरों पर चल रही हैं. रोड में लगे बिजली के खंभों पर चैंबर चुनाव में जीत की उम्मीद लिए उतरने वाले कैंडिडेट्स के होर्डिग भी लग चुके हैं. वहीं चैंबर चुनाव कराने वाली समिति ने भी इसे लेकर तैयारियां पूरी कर ली हैं. मारवाड़ी भवन में मतदान करने के लिए विशाल पंडाल बनाया जा रहा है, जहां चैंबर के सक्रिय सदस्य अपना कीमती वोट योग्य उम्मीदवारों को देंगे.

एक वोटर चुनेगा 21 सदस्य

चैंबर चुनाव के लिए मारवाड़ी भवन में 16 सितंबर को सुबह 10.30 बजे से शाम 5 बजे तक मतदान होगा. चैंबर के कुल वोटरों की संख्या करीब 3500 है और एग्जीक्यूटिव कमिटी में कुल 26 उम्मीदवार हैं. एक वोटर के ऊपर 21 कैंडिडेट्स चुनने की जिम्मेदारी है. टीम मारू का पलड़ा चुनाव में भारी दिख रहा है, जिनके कुल 21 सदस्य हैं. वहीं निर्दलीय के रूप में श्रवण कुमार, ब्रजेश, आदित्य मल्होत्रा, आनंद जालान सहित कुल पांच उम्मीदवार हैं.

चैंबर की एजीएम आज

चैंबर के वर्तमान अध्यक्ष रंजीत गाड़ोदिया शनिवार को चैंबर की एजीएम में अपने कार्यकाल की उपलब्धियों का खाका पेश करेंगे. एजीएम में चैंबर अध्यक्ष का उद्बोधन होगा. उसके बाद चैंबर के सचिव उपलब्धियों का खाका पेश करेंगे. साथ ही ट्रेजरर को भी हिसाब किताब की जानकारी देनी होगी. एजीएम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद सह पूर्व चैंबर अध्यक्ष महेश पोद्दार उपस्थित रहेंगे. रंजीत गाड़ोदिया ने बताया कि एजीएम दिन के 11 बजे से एक बजे तक होगी. उन्होंने कहा कि सांसद महेश पोद्दार के करकमलों द्वारा चैंबर भवन में 62 केवीए के जेनरेटर का भी उद्घाटन किया जाएगा.

व्यावसायिक हित सर्वोपरि: मुकेश अग्रवाल

नई सोच, नई पीढ़ी और नया जज्बा. चुनावी मुद्दों में समग्र राज्य के विकास की बात है साथ ही रोजगार परक उद्योगों की स्थापना की पहल से मुलाकात होनी है. टीम मारू के युवा कैंडिडेट मुकेश अग्रवाल की सोच है कि आम नागरिकों, आम व्यवसायियों और उद्यमियों के हितों की रक्षा करना उनका कर्तव्य होगा. मुकेश ने कहा कि व्यापारियों की समस्याओं को उचित मंच पर ले जाना और उसके निष्पादन के लिए प्रयास करना उनकी प्राथमिकता होगी. चैंबर को एक विजन स्टेटमैन बनना होगा. हमें मूल्यांकन करना होगा कि आखिर राज्य में सुविधाओं की कमी की वजह क्या है. क्यों राजस्व नहीं बढ़ रहा, क्यों राज्य विकास नहीं कर पा रहा. औद्योगिक विकास में चैंबर की भूमिका महत्वपूर्ण होती है और चैंबर के विचारों को दरकिनार कर कोई भी सरकार राज्य का विकास नहीं कर सकती है. मुकेश कहते हैं कि विकास की नई सोच को स्थान देना है ताकि व्यावसायिक और औद्योगिक विकास के साथ-साथ राज्य के विकास में भी चैंबर अपनी भूमिका निभा सके. अगर वो चुनाव जीतते हैं तो व्यावसायिक हित उनके लिए सर्वोपरि होगा.