प्रशासन हुआ एलर्ट, बाढ़ चौकियों को दिए दिशा निर्देश

मध्य प्रदेश में लगातार हो रही बारिश बनी परेशानी का सबब

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ALLAHABAD: जिले के सिर से बाढ़ का खतरा टलने का नाम नहीं ले रहा है. दो दिन तक थमने के बाद एक बार फिर गंगा-यमुना का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है. जिसको देखते हुए प्रशासन एलर्ट हो गया है और बाढ़ चौकियों को निगरानी करने के आदेश दिए गए हैं. उधर, नदियों में फिर से उफान आने पर कछारी इलाके के लोगों की रातों की नींद उड़ गई है. अगर अगले दो से तीन दिन तक इसी रफ्तार से पानी बढ़ता रहा तो इन इलाकों में रुकना दुश्वार हो जाएगा.

हर घंटे तीन सेमी बढ़ रहा पानी

गुरुवार को गंगा में 35 तो यमुना में 63 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई. इसके पहले बुधवार को दोनों नदियों में महज 12 से 13 सेमी की बढ़ोतरी हुई थी. जलस्तर में अचानक तेजी से आने प्रशासन की चिंता भी बढ़ गई है. बताया जा रहा है कि मप्र में जोरदार बारिश के चलते चंबल, केन और बेतवा आदि नदियों उफान आने से यमुना ने रौद्र रूप धारण कर लिया है. जिसका असर इलाहाबाद में दिखने लगा है. एमपी बारिश नहीं थमी तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.

अगले तीन दिन खतरनाक

माना जा रहा है कि अगले तीन दिन तक इसी रफ्तार से नदियों का जलस्तर बढ़ता रहा तो पानी कछारी इलाकों के घरों में घुसने लगेगा. 81 मीटर का जलस्तर क्रास करते ही गंगा का पानी संगम स्थित बड़े हनुमान में मंदिर में प्रवेश करेगा. इसी तरह छोटा बघाड़ा, सलोरी, गोविंदपुर, रसूलाबाद, मेंहदौरी, राजापुर, मऊ सरैंया, नेवादा, अशोक नगर आदि मुहल्लों में भी बाढ़ तबाही मचा सकती है. जानकारी के मुताबिक झूंसी के बदरा गांव की ओर भी पानी तेजी से बढ़ रहा है. यहां बनी पुलिया के डूबते ही इब्राहिम पुर, सोनौटी, घुरवा पैगंबरपुर, हेतापट्टी, गंजिया, बहादुरपुर कछार आदि गांवों का संपर्क आपस में टूट जाएगा. पुरानी झूंसी कोहना के कई घरों पर भी संकट मंडरा रहा है. यमुना की हलचल से बजहा, घोंसी, असरावल, लखनपुर, भीटी, दामूपुर, गऊघाट, करेली, ककहरा घाट, करैलाबाग, करेंहदा, महेवा, मोहब्बतगंज आदि गांवों में खलबली मची हुई है.

फिर बंद हो गया स्लूज गेट

गंगा-यमुना के जलस्तर बढ़ने से प्रशासन एक बार फिर एहतियात के चलते स्लूज गेट बंद कर दिया गया है. गनीमत है कि शहर में बारिश थमी हुई वरना शहर जलभराव की परेशानी से गुजर सकता है. अधिकारियों ने बाढ़ चौकियों पर तैनात अधिकारियों को सतर्क कर दिया है. इसके अलावा संगम में नाव संचालन पर रोक लगा दी गई है. संगम क्षेत्र में वाहनों के जाने पर पहले ही प्रशासन ने पाबंदी लगाई है.

गंगा और यमुना में पानी तेजी से बढ़ रहा है. एमपी में बारिश थमने का इंतजार किया जा रहा है. वहां का पानी यमुना के जरिए यूपी में प्रवेश कर रहा है. गंगा के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है.

मनोज सिंह, अधिशासी अभियंता, सिचाई विभाग बाढ़ प्रखंड

जलस्तर पर नजर

फाफामऊ--35 सेमी (बढ़ोतरी)- 80.56 मीटर

छतनाग --57 सेमी (बढ़ोतरी)- 78.87 मीटर

नैनी--63 सेमी (बढ़ोतरी- 79.51 मीटर