लगातार बढ़ रहा है गंगा का जलस्तर, 24 घंटे में 73 सेंटीमीटर बढ़ गया पानी

घाटों का टूटा संपर्क, शवदाह के लिए करना हो रहा घंटों का इंतजार

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VARANASI

पहाड़ी इलाकों में हो रही बारिश का असर मैदानी भागों में नदियों के उफान के रूप में दिखायी दे रहा है. काशी में गंगा लगातार बढ़ाव की ओर है और यह खतरे के निशान की ओर बढ़ती ही जा रही है. गंगा नदी का जलस्तर काशी में प्रति घंटा पांच से छह सेंटीमीटर तेजी से बढ़ रहा है. गंगा में बढ़ाव का असर है कि घाटों का संपर्क पूरी तरह से टूट चुका है. शीतला घाट स्थित माता शीतला मंदिर के गर्भ गृह तक गंगा का पानी पहुंच चुका है. केंद्रीय जल आयोग की रिपोर्ट के अनुसार गंगा का जलस्तर मंगलवार को सुबह आठ बजे तक 67.94 मीटर दर्ज किया गया. जो एक दिन पहले के स्तर 67.21 से 73 सेंटीमीटर अधिक है. गंगा में इस तरह के तेज बढ़ाव ने घाट किनारे जीवन यापन करने वालों को चिंता में डाल दिया है. गंगा का जलस्तर चेतावनी बिंदू 70.26 मीटर से महज 2.32 मीटर दूर है. वहीं गंगा खतरे के निशान से 71.26 मीटर से 3.32 मीटर दूर है.

वरुणा भी उफान पर

सिर्फ इतना ही नहीं वरुणा किनारे के लोग सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे हैं. वरुणा के घाटों की लगभग आधा दर्जन सीढि़या पानी में डूब चुकी हैं. लोगों का कहना है कि जिस रफ्तार से पानी बढ़ रहा है उसे देखते हुए पानी वरुणा के आसपास के एक बड़े इलाके को अपने चपेट मे ले लेगा. अस्सी से राजघाट के बीच सैकड़ों लोग इस बढ़ाव के चलते सुरक्षित स्थानों पर चले गए. बढ़ते प्रवाह को लेकर परेशानी बढ़ती जा रही है. वहीं इससे सरैया, शैलपुत्री सहित वरुणा की अन्य तटीय बस्तियों के लोग सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी में जुट गए हैं.

शवदाह के लिए इंतजार

गंगा में पानी बढ़ने के चलते मणिकर्णिका घाट व हरिश्चंद्र घाट पर शवदाह करने आने वालों के लिए खासी परेशानी हो रही है. मणिकर्णिका घाट की सीढि़यां पानी में डूब चुकी हैं और सिर्फ ऊपर बने प्लेटफार्म पर ही शवदाह हो रहा है. जगह कम होने के चलते लोगों को चार से पांच घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है. हरिश्चंद्र घाट की भी तकरीबन ऐसी ही स्थित है.