गोलियां और ग्रेनेड के साथ आया था हमलावर
वह ज्यादा लोगों को हताहत करने के इरादे से पूरी तैयारी के साथ सेमी ऑटोमैटिक रायफल (एआर-15 एसॉल्ट रायफल), बड़ी संख्या में गोलियां और धुंआ फैलाने वाले ग्रेनेड के साथ आया था। उसने फायर अलार्म बजाया, ताकि छात्र अपनी कक्षाओं से बाहर निकल आएं, लेकिन स्कूल में कुछ देर पहले ही आग लगने की घटना को लेकर ड्रिल हुई थी। इसलिए ज्यादातर बच्चों ने इसे उसी कवायद का हिस्सा समझा। हमलावर छात्र ने स्कूल के बाहर भी फायरिंग की। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई।

पुलिस खंगाल रही है हमलावर से जुड़ी सोशल साइटें
फिर वह स्कूल इमारत में घुसा। स्कूल में फायरिंग होते ही अफरातफरी मच गई। जो जहां था, वहीं दुबक गया। छात्रों ने मदद के लिए माता-पिता और दोस्तों को संदेश भेजने शुरू कर दिए। मियामी से करीब 72 किमी दूर पार्कलैंड के हाईस्कूल में हुई इस घटना की जांच में संघीय जांच एजेंसी एफबीआइ भी मदद कर रही है। पुलिस उन सोशल साइटों को खंगाल रही है जिनसे हमलावर जुड़ा था। फ्लोरिडा पुलिस ने कहा कि फिलहाल जो बातें सामने आ रही हैं, वह बेहद परेशान करने वाली हैं।  

अमेरिका के लिए दुखद दिन
गोलीबारी में घायल हुए भारतीय मूल के छात्र के पिता के दोस्त शेखर रेड्डी ने कहा कि अमेरिका और पूरे समुदाय के लिए दुखद दिन है। हम सभी भारतीय मूल के लोग मृतकों और घायलों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

बंदूक नियंत्रण पर फिर छिड़ी बहस
स्कूल में गोलीबारी की इस घटना के बाद अमेरिका में विवादित बंदूक नियंत्रण कानून पर फिर से बहस शुरू हो गई है। बताया जा रहा है कि इस साल स्कूल में गोलीबारी की यह 18वीं घटना है। हमलावर छात्र ने जिस रायफल का इस्तेमाल किया, उसपर 1994 से 2004 तक प्रतिबंध लगा हुआ था। बाद में यह प्रतिबंध खत्म हो गया। इस रायफल से 500 मीटर दूर तक निशाना साधा जा सकता है। एक अनुमान के मुताबिक अमेरिका में लगभग 31 करोड़ हथियार हैं। यह दुनिया भर में आम लोगों के पास मौजूद हथियारों का 48 प्रतिशत है।

हर रोज मारे जा रहे सात बच्चे
अमेरिकी सांसद डोनाल्ड एम प्याने ने कहा कि इस देश में हर दिन गोलीबारी में सात बच्चे मारे जा रहे हैं। इस तरह की वारदात उच्च आय वाले किसी देश में नहीं होती है। उन्होंने आग्रह किया कि अमेरिकी संसद सभी बच्चों की सुरक्षा के लिए अपनी शक्तियों का इस्तेमाल करें।

हॉलीवुड ने भी उठाई आवाज
हॉलीवुड की कई नामचीन हस्तियों ने भी स्कूल में गोलीबारी की घटना पर दुख व्यक्त किया और बंदूक संस्कृति पर अपनी निराशा जाहिर की। अभिनेत्री एलेन डिजेनरेस ने कहा कि स्कूलों में गोलीबारी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाने तक कोई भी कानून पर्याप्त नहीं है। डोनाल्ड ट्रंप के कटु आलोचक अभिनेता मार्क रफालो ने कहा कि बिना कार्रवाई के प्रार्थना करना व्यर्थ है। जानीमानी गायिका ब्रिटनी स्पीयर्स ने सोशल मीडिया पर एक पोस्टर पोस्ट किया जिस पर 'पार्कलैंड के लिए प्रार्थना' लिखा है। किम कर्दाशियां वेस्ट ने ट्वीट कर बच्चों और शिक्षकों की सुरक्षा की अपील की।

अमेरिकी स्कूलों में हुईं घटनाएं
-1999 में कोलोराडो के कॉलमबाइन हाई स्कूल में दो किशोरों ने गोलीबारी कर 12 छात्रों और एक शिक्षक की हत्या कर दी थी। फिर दोनों ने आत्महत्या कर ली थी।
-2012 में न्यूटाउन के सैंडी हुक प्राथमिक स्कूल में एक बंदूकधारी ने पहली कक्षा के 20 बच्चों और छह शिक्षकों को गोली मार दी। इसमें सभी की मौत हो गई।
-दिसंबर, 2017 में न्यू मैक्सिको के एजटेक हाई स्कूल में हुई गोलीबारी में दो छात्र मारे गए थे।

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