- शहर में जारी है मिलावटखोरों का आतंक, विभाग कर रहा खानापूरी

- मार्च में मावा, देशी घी आदि के 30 सैंपल जांच को भेजे, एक की भी नहीं आई रिपोर्ट

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BAREILLY:
होली के त्योहार को कुछ ही दिन शेष हैं. लेकिन इस बार गुजिया या अन्य पकवान बनाने से पहले थोड़ा सतर्क हो जाइए. दरअसल मिलावटखोरी रोकने के लिए जिम्मेदार खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई सिर्फ कागजों में ही चल रही है. विभाग ने मार्च में अब तक जिले भर में छापेमारी कर 30 दुकानों से पनीर, दूध, मावा, देशी घी और नमकीन के सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे, लेकिन इनमें से एक की भी रिपोर्ट विभाग के पास नहीं है. ऐसे में लोगों को पता ही नहीं लग पा रहा है कि वह पकवान बनाने के लिए जहां से मावा आदि खरीद रहे हैं वहां मिलावटखोरी तो नहीं हो रही है.

यहां से लिए गए सैंपल
2 मार्च को संजय नगर स्थित अनिल जनरल स्टोर से बेसन, दुर्गानगर स्थित ओम नम: शिवाय पनीर भंडार से पनीर, संजय नगर मोड़ स्थित हनुमन्ते स्वीट्स एवं किराना स्टोर और जोगी नवादा स्थित मून डेयरी से मावा का सैंपल भरा. 13 मार्च को आलमगिरीगंज स्थित मै. कन्नूलाल रामावतार, मै. राधिका, मै. राम गोपाल मुन्नालाल और मै. गोयल दुकान से देशी घी का नमूना भरा गया था इन सैंपल की रिपोर्ट अभी तक विभाग के पास नहीं आई है.

मंडलीय कार्यालय ने चेताया तो आई रिपोर्ट की याद
करीब एक हफ्ता पहले अपर कमिश्नर खाद्य कार्यालय से विभाग को अब तक लिए गए सैंपल की संख्या और कार्रवाई संबंधी रिपोर्ट मांगी गई थी. इसके बाद विभाग ने सैंपल की संख्या की रिपोर्ट तो भेज दी, लेकिन लैब रिपोर्ट नहीं भेजी गई. अब विभाग की ओर से तर्क दिया जा रहा है कि जो नमूने जांच के लिए भेजे गए थे उनकी रिपोर्ट संडे को हर हाल में मंगाकर सैंपल फेल होने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

तो मिलावटी ही खाते रहेंगे
होली के मद्देनजर मंडलीय कार्यालय से विभाग को आदेश जारी किया गया था कि मार्च में जो भी सैंपल लिए जाएं उनकी रिपोर्ट पांच दिन के अंदर मंगा ली जाए, लेकिन विभागीय उदासीनता के चलते न तो रिपोर्ट आई और न ही कार्रवाई हो सकी. ऐसे में शहरवासी असमंजस में हैं कि कौन सी दुकान के सामान में मिलावट का खेल हो रहा है और किसमें नहीं.

सीज हो सकता है प्रतिष्ठान

खाद्य सामग्री का सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजा जाता है. कुछ चीजें जैसे दूध और मावा जो कि एक से दो दिन में खराब हो जाता है इसके लिए इसमें फारमेलियन केमिकल मिलाया जाता है जिससे यह खराब नहीं होता है. यदि जांच में सैंपल फेल होता है तो प्रतिष्ठान पर जुर्माना के साथ ही उसे सीज भी किया जा सकता है.

सैटरडे को 6 दुकानों से भरे सैंपल

शहर के कुतुबखाना खोया मंडी से हिन्दुस्तान ट्रेडर्स, युसुफ अली पनीर खोया सेंटर और आलम ब्रदर्स से मावा, जोगी नवादा के महंत आटा चक्की से सरसों के तेल, श्यामगंज के भोलानाथ रामगोपाल के प्रतिष्ठान से बेसन का सैंपल लेकर जांच को भेजा गया है.

मार्च में अब तक करीब 30 सैंपल जांच के लिए भेजे गए. रिपोर्ट संडे तक आ जाएगी. जिन प्रतिष्ठानों के सैंपल जांच में फेल होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. किसी कारण वश रिपोर्ट आने में देरी हुई है.

धर्मराज मिश्र, अभिहित अधिकारी.

पिज्जा का सैंपल हो चुका फेल

फरवरी में डीडीपुरम स्थित डोमिनोस के पिज्जा का सैंपल जांच के लिए लेबोरेटरी भेजा गया था, जांच में सैंपल में चर्बी की पुष्टि हुई थी. रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य विभाग ने नोटिस जारी किया तो प्रतिष्ठान मालिक ने रेफरल लैब से सैंपल की जांच कराने को कहा जिसके चलते मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है.