- युवती के पिता ने लड़के वालों के खिलाफ दर्ज कराया केस

- 10 को तिलक और 13 फरवरी को आनी थी बारात

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LUCKNOW : गुडंबा में लड़के वालों ने गोद भराई की रस्म होने के बाद दहेज में 12 लाख रुपये व 10 लाख का सामान देने की फरमाइश कर दी. लड़की वालों ने इतनी बड़ी रकम और सामान देने में असमर्थता जताई तो उन लोगों ने शादी तोड़ दी. इससे परेशान युवती के पिता ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया है.

22 मार्च को हुई थी सगाई
गुडंबा के बहादुरपुर गांव में रहने वाले शंकरलाल ने बताया कि उन्होंने बाराबंकी के देवा निवासी शम्भू दास के बेटे अमरेश उर्फ अरुण से अपनी बेटी की शादी तय की थी. अमरेश पुणे की एक कंपनी में इंजीनियर के पद पर कार्यरत है. शंकरलाल के मुताबिक शादी तय होते समय लड़के वालों की तरफ से दहेज की कोई मांग नहीं की गई थी. दोनों पक्षों की रजामंदी से 22 मार्च 2018 को गोद भराई और सगाई की रस्म हुई, जिसमें उन्होंने लड़के को सोने की अंगूठी व नकदी दी थी. इस कार्यक्रम में उनका करीब सवा दो लाख रुपये खर्चा हुआ.

बेटी को पढ़ाने की कही बात
शंकरलाल ने बताया कि गोद भराई के समय अमरेश ने उनकी बेटी को होटल मैनेजमेंट और इंग्लिश स्पीकिंग का कोर्स कराने की इच्छा जताई. इस पर उन्होंने 1 लाख 20 हजार रुपये फीस भरकर बेटी का दाखिला एक नामचीन होटल मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट में करवा दिया.

13 फरवरी को आनी थी बारात
कुछ दिनों बाद लड़के वालों ने उनसे संपर्क किया और 10 फरवरी 2019 को तिलक और 13 फरवरी को शादी की तारीख फिक्स कर दी. इसके बाद से वह शादी की तैयारियों में जुट गए और गेस्ट हाउस, कैटर्स, टेंट हाउस आदि की एडवांस बुकिंग कर दी.

लड़के के पिता ने मांगा दहेज
पीडि़त ने बताया कि परिवार में खुशी का माहौल बना हुआ था कि तभी 23 दिसम्बर 2018 को लड़के के पिता ने उन्हें फोन करके दहेज की मांग रख दी. लड़के वालों ने तिलक में 12 लाख रुपये नकद व 10 लाख रुपये का सामान देने को कहा. शंकरलाल ने बताया कि उन्होंने इतना दहेज देने में असमर्थता जताई तो लड़के वालों ने शादी तोड़ दी. शंकरलाल व उनके घरवालों ने काफी मिन्नतें की लेकिन आरोपी रिश्ते के लिए तैयार नहीं हुए. इससे परेशान शंकरलाल ने गुड़ंबा पुलिस से मामले की शिकायत की. पुलिस ने उनकी तहरीर पर अमरेश, उसके पिता शम्भूदास, भाई रामप्रताप, लड़के की मां, भाभी, बहन व रिश्तेदार ओमप्रताप के खिलाफ केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है.