यूपी बोर्ड परीक्षा की कापियों के मूल्यांकन कार्य के लिए अभी कई मदों में नहीं बढ़ा रेट

07 सेंटर्स बनाए गए हैं शहर में कॉपी जांचने के लिए

1.50 रुपए यानी डेढ़ रुपए प्रति परीक्षक निर्धारित है टाट के लिए

60 पैसा प्रति परीक्षक अधिकतम निर्धारित है बंडल बनाने के लिए

03 रुपए प्रति परीक्षक निर्धारित किया गया है स्टेशनरी के लिए

11 रुपए दिया जा रहा है हाईस्कूल की कॉपी जांचने के लिए। पहले आठ मिलते थे।

13 रुपए दिया जा रहा है इंटर की कॉपी जांचने के लिए। पहले 10 मिलते थे।

20 रुपए प्रतिदिन का मिलता है जलपान खर्च के लिए।

प्रदेश का यह है हाल

229 मूल्यांकन केन्द्र

01 लाख 24 हजार परीक्षक

03 करोड़, 20 लाख कॉपियां

prayagraj@inext.co.in

PRAYAGRAJ: यूपी बोर्ड की कॉपियों का मूल्यांकन जारी है। ऐसे में मूल्यांकन कार्य में लगे टीचर्स और कर्मचारियों को मिलने वाले मानदेय को लेकर एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। कहा जा रहा है कि बोर्ड की तरफ से मूल्यांकन कार्य के दौरान आवश्यक मदों में पहले से तय खर्च की दरों में अब भी कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। आज भी कापियों का बंडल बनाने के लिए 60 पैसा प्रति परीक्षक अधिकतम निर्धारित है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 60 पैसों की सुतली में कोई भी परीक्षक कापियों का बंडल कैसे बना सकता है?

तो पुरानी सुतली यूज करें

बोर्ड की ओर से रेट निर्धारित करते हुए कहा गया है कि बंडल बनाने के लिए पुरानी सुतली का प्रयोग करें। अगर नई सुतली लेनी है तो उस मद में अधिकतम 60 पैसा प्रति परीक्षक ही खर्च किया जा सकता है।

सबसे सस्ता टाट ही खरीदें

कापियों का बंडल बनाने के लिए सुतली के साथ ही टाट की खरीद को लेकर भी मद निर्धारित है। इसमें कहा गया है कि यथासंभव उत्तर पुस्तिकाओं के बंडलों से निकले टाट का प्रयोग फिर किया जाए। फिर भी अगर टाट खरीदना पड़े तो उसके लिए कोटेशन लेते हुए सबसे सस्ते मूल्य पर ही टाट की खरीदारी करें। इस दौरान इस बात का विशेष ध्यान दिया जाए कि इस मद में खर्च 1.50 रुपए यानी डेढ़ रुपए प्रति परीक्षक से अधिक न हो।

स्टेशनरी में भी राहत नहीं

मूल्यांकन के दौरान परीक्षकों के लिए स्टेशनरी के लिए बोर्ड की ओर से 3 रुपए प्रति परीक्षक निर्धारित किया गया है। इसमें फाउन्टेन पेन, कलम, पेपरवेट, पंचिंग मशीन, स्टेपलर समेत दूसरी चीजों को शामिल किया गया है।

मूल्यांकन के रेट बदले

यूपी बोर्ड परीक्षा मूल्यांकन के दौरान रेट को लेकर चल रही आपत्तियों को देखते हुए यूपी बोर्ड की ओर से कुछ मदों के रेट में बदलाव किया गया है। इसमें परीक्षकों को मूल्यांकन के लिए दिया जाना वाला रेट भी शामिल है। इसमें दसवीं की कापियों के लिए 8 रुपए प्रति कापी की जगह अब 11 रुपए किया गया है। इसी प्रकार इंटर में 10 रुपए प्रति कापी के स्थान पर 13 रुपए प्रति कॉपी दिया जाएगा।

पारिश्रमिक अब 20,000

अभी तक मूल्यांकन केन्द्र पर परीक्षकों के मूल्यांकन की निर्धारित पारिश्रमिक सीमा में परिवर्तन करते हुए 12,500 रुपए के स्थान पर 20,000 रुपए कर दिया गया है। अभी तक केन्द्रों पर जलपान के लिए कोई मद नहीं था। उसमें बदलाव करते हुए 20 रुपए प्रतिदिन निर्धारित किया गया है। कई अन्य मदों के रेट में भी बढ़ोत्तरी की गई है।

कई मदों में शासन के निर्देश पर बढ़ोत्तरी की गई है। इसके संबंध में आदेश जारी हो गया है।

नीना श्रीवास्तव

सचिव, यूपी बोर्ड