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कंपनी बीएसएफ के जवान कौशाम्बी व प्रतापगढ़ से बुलाए गए

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कांस्टेबल सुल्तानपुर व कानपुर से बुला कर सुरक्षा में लगाए गए

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एसओ की संख्या भी मौनी अमावस्या भीड़ को देखते हुए बढ़ाई गई

दोपहर बाद करीब तीन बजे से मेला क्षेत्र पांटून पुल पर लगाए गए बैरियर कर दिए गए बंद

बाहर से आने वालों को भी नहीं निकलने दे रही थी पुलिस, सुरक्षा के नाम पर सताए गए श्रद्धालु

prayagraj@inext.co.in

मौनी अमावस्या पर उमड़े जनसैलाब को लेकर एलर्ट प्रशासन ने वसंत पंचमी पर ऐसे कदम उठा दिये हैं जो पब्लिक के लिए परेशानी का सबब बन गये हैं. फोर्स बढ़ा दी गयी है और बैरिकेटिंग पर शाम से ही रोक-टोक शुरू हो गये. सुबह 10 बजे तक नार्मल भीड़ को देखते हुए रोकटोक कम हुई. दस बजे के बाद हर तरफ नाकेबंदी कर दी गई. नाके-नाके मेला में आने वाले श्रद्धालुओं को पुलिस की झिड़कियों का सामना करना पड़ा. चार पहिया तो दूर बाइक से आने वाले श्रद्धालुओं को भी पुलिस की हेकड़ी का सामना करना पड़ा.

श्रद्धालु हुए टाइट तो हो गए राइट टाइम

दोपहर बाद करीब तीन बजे से सुरक्षा व्यवस्था और टाइट कर दी गई. मेला क्षेत्र के अंदर सभी पांटून पुल से बाहर आने वाले लोगों को बैरिकेटिंग कर रोका जाने लगा. पुल नंबर सात मेला क्षेत्र में तैनात फोर्स लोगों को लौटने के लिए पुल नंबर छह पर भेजने लगी. लोग पांटून पुल नंबर छह पर पहुंचे तो वहां बैरियर लगा कर खड़े जवान श्रद्धालुओं को फिर पुल नंबर सात पर भेजने लगे. पुलिस की इस हरकत से नाराज लोग विरोध पर उतर आए. खबर पाते ही काली मार्ग अखाड़ा थाने के इंस्पेक्टर ने बैरियर खुलवाया. इसके बाद लोग शांत हुए.

हर तरफ श्रद्धालुओं की रही फजीहत

दारागंज, नैनी झूंसी व नागवासुकी मोड़ पर भी कुछ ऐसी ही रही. यहां मुख्य सड़कों से आने वाले दो पहिया वाहनों को भी पुलिस मेला क्षेत्र में प्रवेश देने से कतराती रही. परेड मैदान के सामने फ्लाई ओवर के पास की गई बैरिकेटिंग से श्रद्धालुओं को काफी परेशानी हुई. सबसे ज्यादा दिक्कत उन श्रद्धालुओं को हुई जो वृद्ध या बीमार थे. पुलिस के जवानों को इन वृद्ध व बीमार श्रद्धालुओं पर भी तरस नहीं आया. उनकी गाडि़यां बाहर रोकने के बाद पैदल ही उन्हें मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया गया. इस बात को लेकर तमाम लोग पुलिस व्यवस्था को कोसते रहे.

वर्जन

पुलिस श्रद्धाुओं की सुविधा व सुरक्षा के लिए ही यहां तैनात की गई है. थोड़ी सी चूक बड़ी घटना का कारण बन सकता है. जवानों को अधिकारियों ने निर्देश दे रखे हैं कि वे किसी से भी ऊंची आवाज में बात न करें. सभी से प्रेम पूर्वक बात करें. यदि कहीं किसी जवान ने इस निर्देश का उल्लंघन किया है तो वे शिकायत करें. निश्चित रूप से जांच कर कार्रवाई की जाएगी.

-ओपी सिंह,

एसपी यातायात कुंभ मेला