बीजिंग (पीटीआई)। भारत के विदेश सचिव विजय गोखले रविवार को अपनी दो दिवसीय यात्रा पर चीन पहुंच गए हैं। यहां वह विदेश मंत्री वांग यी और बड़े अधिकारियों के साथ मिलकर मसूद अजहर को ग्लोबल आतंकी घोषित करने और भारत के द्विपक्षीय संबंधो को बढ़ावा देने पर बातचीत करेंगे। बता दें कि जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को चीन संयुक्त राष्ट्र में हमेशा 'ग्लोबल टेररिस्ट' घोषित किये जाने के प्रस्ताव को खारिज कर देता है। इसलिए भारत की तरफ से चीन में गोखले इस मुद्दे पर जोर देंगे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, गोखले सोमवार को चीन के उप विदेश मंत्री कोंग जुआनौ के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और वांग से मिलने का समय तय करेंगे।

मसूद अजहर को ग्लोबल टेररिस्ट घोषित नहीं किये जाने से भारत निराश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच वुहान में पिछले साल अनौपचारिक शिखर बैठक के बाद भारत-चीन संबंधों में सकारात्मक गति आई है। हालांकि, जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख को 'ग्लोबल टेररिस्ट' घोषित नहीं किये जाने के चीन के फैसले से भारत को बहुत निराशा हुई थी। भारतीय विदेश सचिव का इस समय यह यात्रा बहुत महत्वपूर्ण माना जा रह है क्योंकि भारत ने 25-27 अप्रैल को चीन में आयोजित होने वाले बेल्ट एंड रोड फोरम (BRF) का बहिष्कार करने का फैसला किया है।

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चीन-भारत संबंधों में सुधार
गौरतलब है कि हाल ही में जब मीडिया ने चीन के विदेश मंत्री से यह पूछा कि क्या भारत के बीआरएफ के बहिष्कार के निर्णय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के बीच पिछले साल की अनौपचारिक शिखर बैठक से उत्पन्न हुई नई गति को कमजोर कर दिया है, तो इसपर वांग ने कहा कि दोनों नेताओं ने वुहान में एक बहुत ही सफल बैठक की। दोनों के बीच आपसी विश्वास स्थापित हुआ है और हम चीन-भारत संबंधों में सुधार और मजबूती के लिए योजना बना रहे है। वुहान शिखर सम्मेलन के बाद, हम दोनों देशों के बीच सभी क्षेत्रों में प्रगति देख रहे हैं। हम भारत के साथ अगले शिखर सम्मेलन की भी तैयारी कर रहे हैं।' हालांकि, दोनों देशों के बीच बैठक कब होगी, इस बारे में उन्होंने कुछ नहीं बताया।

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