- गंभीर रूप से घायलों को 50 हजार रुपए की जगह मिलेगा 2 लाख रुपए मुआवजा

- सीएम की अध्यक्षता में राज्य वन्यजीव बोर्ड मीटिंग में लिया गया फैसला

- बैठक में लिए गए कई अहम फैसले, कंडी रोड़ का भी उठा मुद्दा

dehradun@inext.co.in

DEHRADUN : उत्तराखंड में वन्यजीवों द्वारा मानव क्षति पर सरकार ने मुआवजे की राशि बढ़ा दी है. सीएम की अध्यक्षता में हुई राज्य वन्यजीव बोर्ड की मीटिंग में ये निर्णय लिया गया. वन्यजीवों के हमले में किसी व्यक्ति की मौत पर दिया जाने वाला मुआवजा 3 लाख रुपए से बढ़ाकर 5 लाख रुपए कर दिया गया है, वहीं गंभीर रूप से घायल को अब 50 हजार रुपए की जगह 2 लाख रुपए मुआवजा सरकार देगी.

मींटिंग में लिए गए कई निर्णय

बैठक में सीएम टीएस रावत ने कहा कि वन प्रबंधन में स्थानीय लोगों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि वन संरक्षण भी हो और लोगों को वनों से आजीविका के भी स्त्रोत मिल सकें. कहा कि इसके लिए ग्रीन टूरिज्म के कॉन्सेप्ट पर काम किया जाए. कॉर्बेट नेशनल पार्क के बफर जोन व रामनगर वन प्रभाग में ऐलीफेंट सफारी को अनुमति दी गई है. यह भी तय किया गया है कि राजाजी टाइगर रिजर्व में पर्यटकों से होने वाली आय राजाजी टाईगर रिजर्व कंजरवेशन फाउंडेशन के कोष में जमा की जाएगी.


कंडी मार्ग के लिए बनेगी कमेटी

मीटिंग में वन मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि कंडी मार्ग निर्माण के लिए जल्द से जल्द औपचारिकता पूरी की जाए. कहा कि कंडी मार्ग गढ़वाल-कुमाऊं की कनेक्टिविटी के लिए जरूरी है. इससे गढ़वाल से कुमाऊं का सफर करीब 3 घंटे कम हो जाएगा. इस दौरान मार्ग को लेकर वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया द्वारा फिजिबिलिटी सर्वे का प्रेजेंटेशन दिया गया. मार्ग को लेकर एक कार्यकारी समिति गठित करने का निर्ण? भी लिया गया.