पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर की सीबीआई जांच की मांग

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ALLAHABAD: इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर प्रो. रतन लाल हांगलू के मोबाइल नम्बर से वायरल अश्लील स्क्रीन शॉट और इसके बाद पूर्व छात्रनेता अविनाश दुबे द्वारा जारी ऑडियो टेप में शामिल देश के दिवंगत साहित्यकार की विधवा ने दिल्ली में एसटीएफ के सीओ से लिखित कम्पलेन की है. दरअसल, इविवि से जुड़े इस हाईप्रोफाइल मामले में नाम सामने आने के बाद राइटर और पोएट महिला ने धमकियां मिलने और खुद की सुरक्षा को खतरा बताया है. इसकी पुष्टि महिला ने खुद दैनिक जागरण आई नेक्स्ट से की है.

वीसी से अनुमोदन का किया अनुरोध

उधर, इविवि छात्रसंघ की पूर्व अध्यक्ष एवं समाजवादी पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता ऋचा सिंह ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर वाइस चांसलर के खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की है. पूर्व अध्यक्ष ने वीसी को भी पत्र लिखकर इस बात का स्वागत किया कि वीसी भी सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. पूर्व अध्यक्ष ने वीसी से भी गृह मंत्रालय को सीबीआई जांच के लिए भेजे जा रहे पत्र के अनुमोदन का अनुरोध किया है.

प्रमाणित करें, कल्याणी का पत्र फर्जी

ऋचा ने विवि के पीआरओ डॉ. चित्तरंजन कुमार को पत्र लिखकर उस बयान को चुनौती दी है, जिसमें उन्होंने कल्याणी विवि से आए एक स्टूडेंट की मां के उस पत्र को फर्जी बताया है. जिसमें स्टूडेंट की मां ने वीसी पर पद का दुरुपयोग करते हुए लड़कियों को जॉब देने के नाम पर उनका शारीरिक शोषण करने की बात कही है. ऋचा का कहना है कि इसका उनके पास प्रमाण है कि विवि के महिला सलाहकार बोर्ड को आया पत्र सही है. उन्होंने विवि से यह प्रमाणित करने को कहा है कि यह पत्र फर्जी है.

पीछे हटने को तैयार नहीं-पीआरओ

उधर, इविवि के पीआरओ चित्तरंजन कुमार ने कहा है कि हमारे हाथ कुछ ऐसे बिल लगे हैं जिनके फर्जी होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता है. इन सारे बिलों पर छात्रसंघ अध्यक्ष के तौर पर ऋचा सिंह के हस्ताक्षर हैं. इन सारे बिलों का भुगतान रोक दिया गया. जिस संस्था और व्यक्ति के नाम से यह बिल जारी हुआ था उसने लिखित रूप में यह माना कि इस बिल पर उसके हस्ताक्षर नहीं हैं. कहा कि, विवि इस बार कड़े कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा. प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को ऋचा ने बेबुनियाद और भ्रामक तथ्यों के आधार पर जो पत्र लिखा है, उसके लिए विवि ने उन्हें मानहानि का नोटिस देने की तैयारी पूरी कर ली है.

ऋचा भ्रामक तथ्यों के आधार पर वीसी को बदनाम कर रही हैं. अब यूनिवर्सिटी किसी भी तरीके से पीछे हटने को तैयार नहीं है.

चित्तरंजन

पीआरओ, एयू

वीसी ने खुद सीबीआई जांच की मांग करके अच्छी पहल की है. दोनो जब इस तथ्य पर एकमत हैं तो निश्चित तौर पर सीबाआई जांच होनी ही चाहिए.

ऋचा सिंह

पूर्व अध्यक्ष, छात्रसंघ