- फ्लैग : सुभाषनगर में लगे ब्रांच के एटीएम से 500-500 के चार नोट चूरन वाले निकलने के मामले में

- बैंक के टेक्निकल हेड और एजेंसी के हेड वेडनसडे को की जांच

- एटीएम का सीसीटीवी फुटेज बैंक के हेड क्वॉर्टर कोलकाता भेजा गया

BAREILLY:

सुभाषनगर खन्ना बिल्डिंग के पास युनाईटेड बैंक ऑफ इंडिया (यूबीआई) के एटीएम से 500-500 रुपए के 4 नोट चूरन वाले निकलने के मामले में बैंक के सभी एटीएम जांच के घेरे में आ गए हैं. संबंधित एटीएम के अलावा शहर में लगे ब्रांच के बाकी एटीएम की भी जांच होगी. ताकि, इस बात की पुष्टि की जा सके कि कहीं बाकी एटीएम में जाली नोट तो नहीं है. फिलहाल, वेडनसडे को चूरन वाले नोट उगलने वाले एटीएम के सीसीटीवी कैमरे का फुटेज खंगाले गये. फुटेज की टेक्निकल जांच के लिए कोलकाता ब्रांच हेड क्वॉर्टर भेज ि1दया गया.

जांच के घेरे में आए बाकी एटीएम

बैंक के शहर में तीन एटीएम लगे हुए हैं. एक सुभाषनगर, दूसरा सिविल लाइंस हनुमान मंदिर और तीसरा स्टेडियम रोड. बता दें कि 22 अप्रैल को सुभाषनगर में लगे एटीएम ने 500-500 के चार नोट जाली निकले थे. जिसके बाद बैंक अधिकारियों में हड़कंप मच गया था. चूंकि, तीनों एटीएम में चौकी चौराहा स्थिति यूबीआई के ब्रांच से ही रुपए ले जाकर एजेंसी लोड करती है, तो बाकी एटीएम भी जांच के घेरे में आ गए हैं. हालांकि, बाकी दो एटीएम से अभी तक चूरन वाले नोट नहीं निकले हैं, बावजूद इसके बैंक अधिकारी दो एटीएम की जांच कराएंगे. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चूरन वाले नोट निकलने वाले एटीएम की जांच की कार्रवाई पूरी होने के बाद बाकी एटीएम की जांच की जाएगी.

खंगाला गया सीसीटीवी फुटेज

एटीएम में कैश लोड करने वाली एसआईपीएल कंपनी के मेरठ हेड ऑफिस और देहरादून ब्रांच के हेड क्वॉर्टर से आए टेक्निकल हेड अमित कुमार ने वेडनसडे को सीसीटीवी कैमरे का फुटेज कलेक्ट किया. यूबीआई के ब्रांच मैनेजर बच्चन शॉ ने बताया कि जांच अधिकारियों ने 19 से 23 अप्रैल तक का फुटेज लिया है. इस बीच कितने लोगों ने ट्रांजेक्शन किया है, किस बैंक का एटीएम इस्तेमाल हुआ है, कितने कैश विड्रॉल हुए हैं आदि का प्रिंट भी निकाला गया है. सीसीटीवी कैमरे की फुटेज और प्रिंट कोलकाता हेड क्वॉर्टर भेज दिया गया है.

पुलिस को रिपोर्ट नहीं इंटनर्ल जांच ही

चूरन वाले नोट निकलने का मामला सामने आए 4 दिन का समय बीत चुका है. लेकिन बैंक और कैश लोड करने वाली एजेंसी एसआईपीएल इंटर्नल जांच में ही लगी है. किसी भी तरफ से थाने में रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई गई है. हालांकि, पीडि़त आरके पाठक ने चूरन वाले नोट निकलने के मामले में ब्रांच में लिखित शिकायत की है.

क्या है पूरा मामला

सुभाषनगर खन्ना बिल्डिंग एमजी गनर्वमेंट जूनियर स्कूल के पास युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का एटीएम लगा है. 22 अप्रैल को ईश्वरी भवन के निवासी स्वास्थ्य विभाग से रिटायर आरके पाठक एटीएम से कैश निकालने पहुंचे थे. आरके पाठक ने 4500 रुपए निकाले के लिए एटीएम गए. जैसे ही उन्होंने एटीएम की-पैड पर इंटर किया तो एटीएम से 500-500 रुपए के 9 नोट निकले. इनमें से एक नोट आरबीआई नहीं बल्कि, चिल्ड्रेन बैंक ऑफ इंडिया वाला यानि चूरन वाला नोट निकला था. कुछ देर बाद राजीव कॉलोनी के एक और शख्य 2 हजार रुपए कैश निकालने पहुंचे. इनके भी 500-500 के दो नोट जाली निकले. जबकि, बाकी नोट सही थे. पहले भी एक और नोट जाली निकला था.

6 लाख रुपए हुए थे लोड

घटना के दिन बैंक से 6 लाख रुपए ले जाकर एजेंसी के कर्मचारियों ने लोड किया था. 500-500 की 8 गड्डी और 2-2 हजार रुपए की 1 गड्डी लोड किया गया था.

बाकायदा होती है गिनती

एटीएम में नोट लोड करने से पहले एजेंसी मेल करती है. किस एटीएम में कितने रुपए लोड करने हैं. कितने रुपए की कितनी गड्डी चाहिए. फिर, बैंक उस हिसाब से कैश एजेंसी को देती है. कैश की एक-एक नोट की काउंटिंग कर्मचारी नहीं करते हैं. बल्कि, कैश काउंटिंग मशीन से नोटों की काउंटिंग होती है. फिर सवाल होता है कि एटीएम में जाली नोट कैसे पहुंचा.

जानिए एटीएम से नकली नोट निकलने पर क्या करना चाहिए

- एटीएम से नकद निकासी पर नकली नोट आने पर एटीएम में मौजूद गार्ड से इसकी शिकायत करें.

- हर एटीएम में गार्ड के पास एक रजिस्टर होता है.

- इस रजिस्टर पर नोट का नंबर, ट्रांजैक्शन आईडी नंबर, तारीख और समय लिख कर साइन करें.

- इस रजिस्टर पर गार्ड के भी साइन जरूर लें.

- इसके बाद शिकायत का फोटो मोबाइल से लें.

- नकली नोट के दोनों तरफ से एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरे में फुटेज बनवाए.

- एटीएम जिस ब्रांच से जुड़ा है उस ब्रांच मैनेजर से मिल कर भी अपनी शिकायत दर्ज कराएं.

- भूलकर भी यह नकली नोट किसी को देने की गलती भी न करें क्योंकि यह अपराध है.

इंटर्नल जांच के बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी. फिलहाल, सीसीटीवी फुटेज कोलकाता हेड क्वॉर्टर भेज दिया गया है. ब्रांच से जुड़े बाकी एटीएम की भी जांच होगी.

बच्चन शॉ, ब्रांच मैनेजर, यूबीआई चौकी चौराहा

एजेंसी हेड ऑफिस से इंवेस्टिगेशन टीम आई हुई हैं. मामले की जांच की जा रही है कि एटीएम में जाली नोट कैसे पहुंचे. दोषी पर कार्रवाई की जाएगी.

सुनील सैनी, को-ऑर्डिनेटर, एसआईपीएल