पेरिस (आईएएनएस)। फ्रांस की सरकार ने इकॉनमी के ग्रोथ के लिए अगले महीने से देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर टैक्स बढ़ाने का फैसला किया था, जिसको लेकर देश भर में भारी विरोश प्रदर्शन किया गया। मंगलवार को जारी एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि देश में भारी विरोध प्रदर्शन के बाद सरकार ने अपना फैसला रद कर दिया है। बीबीसी ने फ्रांसीसी मीडिया का हवाला देते हुए बताया कि पिछले तीन हफ्तों से जारी इस विरोध प्रदर्शन ने फ्रांस के कई शहरों को भारी नुकसान पहुंचाया है और इसके चलते तीन लोगों की जान भी जा चुकी है। बता दें कि इस देशव्यापी प्रदर्शन में लगभग 300,000 लोगों ने हिस्सा लिया था। जब यह प्रदर्शन शुरू हुआ, उसके एक सप्ताह बाद 106,000 से अधिक और शनिवार तक 136,000 लोग शामिल हो गए। सोमवार को भी बढे टैक्स के खिलाफ प्रदर्शन जारी रहा।

कई लोग हुए घायल
फ्रांस में बड़े पैमाने पर हुए इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व 'यलो वेस्ट' नाम के संगठन द्वारा किया गया। गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन का इस्तीफा सहित फ्रांसीसी संसद के विघटन की मांग कर रहे थे। फ्रांस में बिगड़े हालात के बाद राष्ट्रपति ने रविवार शाम को पेरिस में बर्बादी का जायजा लिया और इस संकट को खत्म करने के लिए तुरंत राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और अन्य बड़े अधिकारियों के साथ बैठक की। बता दें कि पेरिस पुलिस ने बताया कि फ्रांस में विरोध प्रदर्शन के दौरान शनिवार को 412 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया था और इसके चलते 263 लोग घायल हो गए, जिनमें 33 सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं।

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