-पशुधन विभाग के मंत्री का प्रतिनिधि और क्लर्क बनकर ठगों ने बिजली विभाग के ठेकेदार को लगाया चूना

BAREILLY: ठगों ने खुद को पशुधन विभाग के मंत्री का प्रतिनिधि और विभाग में क्लर्क बताकर बिजली विभाग के ठेकेदार को चपत लगा दी. उसने ठेकेदार को टेंडर दिलाने का लालच देकर 6 लाख 60 हजार रुपए ठग लिए. जब टेंडर नहीं मिला तो ठेकेदार ने रुपए वापस मांगे तो उसने सीएम के साथ लगी फोटो भेजकर रौब झाड़ा. ठेकेदार ने डीजीपी से शिकायत की. डीजीपी के आदेश पर सीओ ने जांच की. जांच के बाद इज्जतनगर थाना में 5 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है.

फर्जी आईकार्ड भ्ाी दिखाया

फरीदापुर चौधरी, इज्जतनगर निवासी आबिद बेग बिजली विभाग में ठेकेदार है. आबिद के मुताबिक काम के सिलसिले में लखनऊ आने-जाने के दौरान उसकी मुलाकात फाईक एंक्लेव निवासी अंजुम शेरवानी से हुई थी. उसने खुद को पशुधन विभाग का बाबू बताया था. उसने एक फर्जी आईकार्ड भी दिखाया था. उसने कहा थ कि वह विभाग से जुड़े निर्माण टेंडर के वर्क ऑर्डर करता है. कुछ दिनों बाद उसने उनकी मुलाकात राजाजीपुरम लखनऊ निवासी जफर आलम से कराई. जफर ने खुद को पशुधन मंत्री एसपी सिंह बघेल का प्रतिनिधि बताया.

शासनादेश दिखाकर लिया झांसे में

दोनों ने एक शासनादेश दिखाया और कहा कि पूरे प्रदेश में ब्लॉक स्तर पर पशु चिकित्साल के निर्माण होने हैं. एक टेंडर 40.28 लाख का है. पांच प्रतिशत रुपये जमा होंगे जिनकी रसीद मिलेगी और टेंडर उन्हें मिल जाएगा. जिसके बाद उन्होंने 6.60 लाख रुपये कुछ खाते तो कुछ नकद दिए. रुपये जमा करने के बाद न रसीद मिली और न ही टेंडर के बारे में पता चला. शक हाने पर आबिद अंजुम के घर जाकर रुपये वापस मांगे तो आरोपित समेत उसके भाई अरशद खान उर्फ बंटी ने धमकाया.

सीएम के साथ फोटो दिखाई

इतना ही नहीं जफर ने तो मुख्यमंत्री के साथ खिंचाई फोटो दिखाकर कहा कि उसकी उपर तक पहुंच हैं. आरोप है कि इन सभी का ठगी का गैंग है. इस गैंग में जफर की पत्नी शबाना, बदायूं निवासी भाई नावेद आलम व जावेद आलम भी शामिल है. तहरीर के बाद पुलिस ने सभी आरोपितों पर मुकदमा दर्ज कर लिया.