दूसरों के आधार कार्ड का मिसयूज कर रहे हैं शातिर

युवक के आधार से खुलवाए दो खाते, लाखों का ट्रांजेक्शन किया

आगरा. आधार को भी शातिरों ने चपत लगाने का जरिया बना लिया है. शातिरों ने किसी युवक के आधार कार्ड से एकाउंट खुलवा लिया. इसी एकाउंट में युवक की एलपीजी सब्सिडी भी ट्रांसफर होने लगी. ताजनगरी में ऐसा ही एक मामला प्रकाश में आया है. मोबाइल पर ट्रांजेक्शन का मैसेज आने पर पीडि़त ने पुलिस में शिकायत की.

दो साल पहले खुला खाता

नगला रामबल, एत्माद्उद्दौला निवासी कप्तान सिंह एक हॉस्पिटल में काम करते हैं. कुछ महीनों से कप्तान सिंह के खाते में गैस की सब्सिडी आनी बंद हो गई. गैस एजेंसी पर पता किया तो पता चला कि सब्सिडी फीरोजाबाद स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा के अकाउंट में जा रही है. जबकि, कप्तान का फीरोजाबाद में कोई खाता नहीं है. जानकारी होने पर पता चला कि कप्तान ने एक अकेडमी से कोर्स किया था. उस दौरान उसके कागजात लिए गए. आशंका है कि तभी बिना बताए उसका अकाउंट खोल दिया गया. दो दिन पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया का ट्रांजेक्शन का मैसेज आया, जबकि कप्तान सिंह ने एसबीआई में कोई ट्रांजेक्शन नहीं किया. कप्तान सिंह का ट्रांस यमुना कॉलोनी स्थित एसबीआई में खाता है. लेकिन ये ट्रांजेक्शन इस खाते से नहीं हुआ. कप्तान सिंह के मुताबिक इन खातों से हजारों का ट्रांजेक्शन हुआ है, जबकि खाते मेरे नहीं हैं. इन खातों में उनका आधार कार्ड लगा हुआ है.

विकास योजना के नाम पर खुले खाते

कप्तान सिंह के मुताबिक उसने 2016 में फीरोजाबाद से प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत कोर्स किया था. इनका सेंटर एत्मादपुर में था. तब अभ्यर्थियों से कहा गया कि तीन-तीन हजार रुपया चेक के माध्यम से आएगा. कागजात ले लिए गए. चेक नहीं आए बल्कि अकाउंट खुलवा दिए. अकाउंट में रुपया आया, लेकिन किसी को नहीं दिया गया. अन्य कई लोग इससे परेशान हैं.

मामले की चल रही है जांच

कप्तान ने इस मामले में पुलिस से शिकायत की है. टीम मामले में छानबीन कर रही है. कप्तान सिंह का कहना था कि जिस एकेडमी से कोर्स किया था, उसको मेरे नाम से खाता खोलने का अधिकार नहीं है. उस खाते को कोई और ऑपरेट कर रहा है. पीडि़त को संदेह है कि कहीं उसके आधार का और कहीं मिसयूज न हो रहा हो.

करें अपने आधार की पड़ताल

सरकार की तरफ से आधार कार्ड से जुड़ी सर्विस जानने के लिए वेबसाइट बनाई गई है, जिस पर जाकर आप अपने आधार कार्ड पर सुचारू सर्विस की जानकारी हो जाएगी.

सबसे पहले कम्प्यूटर या मोबाइल पर नेट से माध्यम से यूआईडीएआई.जीओवी.आईएन पर जाएं. यहां क्लिक करने के बाद आधार अपडेट हिस्ट्री पर क्लिक करें. इसके बाद आधार कार्ड नंबर व सिक्योरिटी कोड डालें. इसके बाद सेंट ओटीपी पर क्लिक करते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा, जो आपको साइट पर दिए हुए कॉलम में टाइप करना है. इसके बाद आपके आधार से कनेक्ट सारी सुविधाओं की जानकारी हो जाएगी.

लॉक-अनलॉक भी कर सकते हैं

यहां पर आधार सर्विस पर जाकर आप अपने बायोमेट्रिक्स को लॉक-अनलॉक भी कर सकते हैं. इसके बाद आपकी फिंगर भी किसी बायोमेट्रिक्स पर काम नहीं करेगी, जब तक की आप वेबसाइट पर जाकर बायोमेट्रिक्सअनलॉक नहीं करते. लॉक करने पर कोई भी आपकी फिंगर बायोमेट्रिक्स पर लगा कर मिसयूज नहीं कर सकता.

आधार अपडेशन का उठाया फायदा

इस मामले में शातिरों ने आधार अपडेशन का पूरा फायदा उठाया. एक्सप‌र्ट्स की मानें तो जिस बैंक एकाउंट में आखिरी बार आधार अपडेशन होता है, बाय डिफॉल्ट एलपीजी सब्सिडी उसी खाते में ट्रांसफर हो जाती है. ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि आखिरी बार पीडि़त का आधार अपडेशन शातिर द्वारा खुलवाए गए एकाउंट में हुआ. जिससे सब्सिडी का रुपया उस खाते में ट्रांसफर होना शुरू हो गया.