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AGRA : अगर आप सरकारी नौकरी की तलाश में हैं. इसके लिए आवेदन करते रहते हैं, तो सावधान हो जाएं. आपकी जरूरत को शातिरों ने जालसाजी का जरिया बना लिया है. शहर में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसमें युवक को फर्जी अपॉइटमेंट लेटर डाक के द्वारा भेज दिया गया. लेटर बाकायदा मंत्रालय के लेटर पैड की कॉपी कर तैयार किया गया था. इसमें मेस के नाम 15700 रुपये जमा कराने के लिए कहा गया, जो बाद में रिफंडेबिल थे. इसके बाद और रुपये जमा कराने को कहा गया. इनकार करने पर शातिर ने धमकी देना शुरू कर दिया. जिस पर युवक को जालसाजी का शक हुआ. पीडि़त ने डीआईजी कार्यालय में शिकायत की है. मामले में जांच शुरू हो गई है.

रजिस्टर्ड डाक से भेजा लेटर
मूलरूप से हाथरस निवासी धर्मवीर सिंह वर्तमान में लॉयर्स कॉलोनी में किराए के मकान में परिवार के साथ रह रहे हैं. खंदारी में एक शू कम्पनी में अकाउंटेंट के पद पर कार्यरत हैं. नौ अगस्त की शाम उनके यहां पर रजिस्ट्री से अपॉइंटमेंट लेटर आया. लेटर भारत सरकार के फोरेस्ट विभाग के लेटर पैड के फॉर्मेट पर था. इसके साथ एक और लेटर था.

सीधी भर्ती प्रकिया का झांसा
लिफाफे में एक नियुक्ति प्रक्रिया पत्र व दूसरा अपॉइंटमेंट लेटर था. लेटर में लिखा था कि 2016 सीधी भर्ती प्रक्रिया में पचास लोगों को चुना गया है. आप भी उसमें से एक हैं. इसमें मेस फीस जमा कराने के बाद छह महीने की ट्रेनिंग पर भेजा जाएगा. इसके बाद नियुक्ति की जाएगी. लेटर सरकारी विभाग का लग रहा था.

दूसरे अकाउंट में जमा कराने को बोला
लेटर में कॉन्टेक्ट नंबर भी दे रखा है. युवक ने उस नंबर पर कॉल किया तो शातिर ने मेस फीस के नाम पर 15700 रुपये जमा करने को बोला. धर्मवीर के पास उस समय इतने रुपये नहीं थे. उसने अपने एक साथी से मदद ली. साथी के अकाउंट से 11 अगस्त को दिए गए अकाउंट नम्बर पर रुपया नेफ्ट के माध्यम से भेज दिया. इसके बाद शातिर ने धर्मवीर को बताया कि अकाउंट नम्बर गलत दे दिया. उसने फिर से दूसरा अकाउंट नम्बर दिया.

मना करने पर की गाली-गलौज
धर्मवीर ने रुपये भेजने से मना कर दिया. उसने शातिर से बोला कि उसने पहले दिए गए अकाउंट में रुपये ट्रांसफर कर दिए हैं. अब वह दोबारा से रुपये जमा नहीं करेगा. इस पर शातिर ने रुपया रिफंड होने का झांसा दिया, लेकिन धर्मवीर उसके मंसूबे को भांप गया. रुपया जमा कराने से साफ मना कर दिया. इस पर शातिर उसके साथ गाली-गलौज करने लगा. पीडि़त ने डीआईजी कार्यालय धोखाधड़ी से संबंधित शिकायती पत्र दिया है. डीआईजी ने मामले में जांच के आदेश दिए हैं.

प्रशिक्षण लेटर
नियुक्ति प्रक्रिया- अधीनस्थ कर्मचारी सेवा चयन आयोग द्वारा समूह ख के अंतर्गत भारतीय वन विभाग के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती द्वारा चयन किया गया है. अधीनस्थ कर्मचारी सेवा चयन आयोग द्वारा कर्मचारी की कमी के चलते गृह मंत्रालय द्वारा जारी नोटिस में जिन उम्मीदवारों ने 30 नबंवर 2016 को आवेदन किया था, उनमें से पचास उम्मीदवारों को चुना है, जो पहले से आवेदन दे चुके हैं. गृह मंत्रालय उन उम्मीदवारों को सीधी भर्ती का अवसर प्रदान कर रहा है. जिसमें उम्मीदवारों को परीक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा. उम्मीदवारों को सीधी भर्ती द्वारा मेडिकल और फिजिकल देकर गार्ड के पदों पर नियुक्त किया जायेगा. पत्र में आयु सीमा 18 से 28 वर्ष दी गई. प्रशिक्षण वेतन 18200 रुपये दिए जाने का उल्लेख है. साथ ही मेस फीस 24 घंटे के अंदर जमा कराने की बात लिखी. साथ ही लिखा कि ट्रेनिंग पीरियड तक राशि जमा रखी जाएगी. इसके बाद वापस कर दी जाएगी.

अपॉइंटमेंट लेटर में ये लिखा
अपॉइंटमेंट लेटर पर वन विभाग की फर्जी मेल आईडी लिखी थी. इसके बाद उम्मीदवार का नाम. इसके बाद शातिर ने लिखा कि भारतीय वन विभाग द्वारा आपको सूचित किया जाता है कि आपका चयन सीधी भर्ती द्वारा कर लिया गया है. आपको अपना प्रशिक्षण पत्र अनिवार्य मेस राशि जमा करने के उपरांत भेज दिया जाएगा. ध्यान रहे आपका चयन कर्मचारी सेवा चयन आयोग द्वारा सीधी भर्ती कानून वर्ष 1997 अनुभाग 16 के माध्यम से किया गया है. आपको किसी भी परीक्षा, साक्षात्कार का सामना नहीं करना पड़ेगा. आपको छह महीने के प्रशिक्षण उपरांत नियुक्त कर दिया जाएगा.

नोट- कर्मचारी सेवा चयन आयोग सेवा निवृत्ति उपरांत पेंशन का लाभ नहीं मिलेगा. इसके बाद नीचे प्रिंसिपल सेक्रेटरी के हस्ताक्षर थे.