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DEHRADUN: फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिये शिक्षा विभाग में नियुक्ति पाने के लंबे समय से फरार एक आरोपित शिक्षक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित शिक्षक राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सुनार गांव अठूरवाला विस्थापित में तैनात था। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।

बिजनौर के रामपुर से किया गिरफ्तार
बेसिक शिक्षा विभाग उत्तराखंड में कार्यरत फर्जी शिक्षकों व अन्य समस्त शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच अपराध अनुसंधान विभाग खंड देहरादून के विशेष दल ने की थी। एसआईटी ने राउप्रा विद्यालय सुनार गांव डोईवाला देहरादून में नियुक्त सहायक अध्यापक पुरुषोत्तम यादव के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की भी जांच की थी। शिक्षक की ओर से नियुक्ति के समय शिक्षा विभाग को दिए हाईस्कूल के अंकपत्र व प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए थे। एसआईटी ने आवश्यक कार्रवाई के लिए रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भेजी थी। शिक्षा विभाग ने एसआईटी जांच के आधार पर पुरुषोत्तम यादव की विभाग से सेवा समाप्त कर दी थी। इसके साथ ही डोईवाला कोतवाली मे पुरुषोत्तम यादव पुत्र महेंद्र सिंह निवासी ग्राम रामपुर रसूलपुर, पोस्ट औरंगाबाद, शिवालाकला, जिला बिजनौर, उत्तर प्रदेश के खिलाफ 15 अक्टूबर 2018 को अभियोग पंजीकृत कराया गया था। जिसकी विवेचना एसएसआई मनमोहन सिंह नेगी ने की। विवेचना में पुरुषोत्तम यादव के हाईस्कूल व इंटरमीडिएट अंक पत्र व प्रमाण पत्र व मूल निवास प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी फरार चल रहा था। डोईवाला कोतवाल राकेश सिंह ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर एसएसआई डोईवाला मनमोहन सिंह नेगी व कांस्टेबल सुनील कुमार के साथ आरोपित शिक्षक को 16 मई को ग्राम रामपुर जिला बिजनौर उत्तर प्रदेश में दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश करने के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया है।