- हर दिन कतार में ही बर्बाद हो रहा कीमती वक्त

- सात दिनों का काम साठ दिनों में भी नहीं होता

- बेरोजगार युवाओं को चालान के लिए लगनी पड़ रही लाइन

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RANCHI (14 AUG) : आज पूरा देश आजादी का जश्न मना रहा है, लेकिन आज भी हमारा कई तरह की चीजों से आजाद होना बाकी है. हर दिन जिस तरह की परेशानियों का सामना हमें करना पड़ता है, उससे आजादी कब मिलेगी. हर दिन रेलवे स्टेशन, पोस्ट ऑफि स, डीटीओ ऑफि स, सीओ ऑफिस, नगर निगम सहित कई सरकारी दफ्तरों पर अपना काम कराने के लिए घंटों लंबी लाइन लगानी पड़ती है. आखिर इससे हमें कब आजादी मिलेगी. झारखंड में सरकार ने राइट टू सर्विस एक्ट लागू कर दिया है, और हर काम को पूरा करने के लिए एक समय सीमा निर्धारित कर दी गई है, इसके बावजूद लोग सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाते रहते हैं.

यहां हर दिन लगती है लंबी लाइन

सरकारी विभागों में हर दिन लंबी लाइनें लगती हैं. खासकर जमीन से जुड़े हुए कागजात ठीक करने, जैसे लगान रसीद और म्यूटेशन कराने के लिए लोगों को कीमती वक्त कतारों में ही कट जाता है. इसके बाद भी उनका काम कई बार कार्यालय का चक्कर काटने के बाद ही होता है. इसी तरह जन्म, मृत्यु, आवासीय और जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए प्रखंड कार्यालय से लेकर जिला मुख्यालय तक में लोगों की लंबी लाइन हर दिन लगी रहती है. दूर-दूर से आकर लोग लंबी लाइनों में लगकर अपना काम कराते हैं. इसके बाद भी जो समय -सीमा तय की गई है उसके अंदर उनका काम नहीं होता है. सबसे ज्यादा लंबी लाइन ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के लिए लोगों को लगानी पड़ती है. ड्राइविंग लाइसेंस लेने के प्रोसेस से लेकर गाड़ी चलाने तक के प्रोसेस को पूरा करने के लिए लंबी लाइन लगानी पड़ रही है.

नौकरी के लिए आवेदन का लाइन

नौकरी करने वाले छात्रों का लंबी-लंबी लाइनें पोस्ट ऑफि स से लेकर बैंकों तक में लगानी पड़ रही है. राज्य सरकार द्वारा कई विभागों में नौकरी के लिए मैनुअल एप्लीकेशन फ ॉर्म भरा जा रहा है. इसके कारण छात्र शहर के सभी पोस्ट ऑफि स और बैंकों में सुबह से ही लंबी लाइनें लगाने के लिए खड़े हो जाते हैं. घंटों लंबी लाइन लगाने के बाद छात्र अपना फ ॉर्म भरते हैं, जबकि कई विभागों में ऑनलाइन एप्लीकेशन की व्यवस्था की गई है. ऑनलाइन प्रक्रिया से लोगों को आसानी होती है, लेकिन मैनुअल एप्लीकेशन वाली प्रक्रिया में काफी मुसीबत झेलनी पड़ रही है.

समय तय है लेकिन नहीं होता है काम

सरकारी विभागों में कार्य करने की अधिकतम अवधि राइट टू सर्विस एक्ट के तहत निर्धारित है. लेकिन कभी भी समय सीमा के अंदर सरकारी विभाग में लोगों का काम नहीं होता है. लोग बार-बार कार्यालय के चक्कर लगाकर परेशान हैं. सरकार ने नियम तो लागू कर दिया है, लेकिन इस नियम का सही तरीके से पालन नहीं हो पा रहा है.

किस काम के लिए कितना समय

- सामाजिक सुरक्षा पेंशन का निबटारा - 21 दिन

- ड्राइविंग लाइसेंस - 45 दिन

- दवा दुकान का लाइसेंस - 30 दिन

- छात्रवृत्ति के आवेदन का निबटारा - 30 दिन

- वाहनों की एनओसी - 10 दिन

- श्रम विभाग से जुड़े लाइसेंस - 30 दिन

- बिजली बोर्ड से जुड़े मामले - 30 दिन

- वाहनों का अस्थायी निबंधन - 07 दिन

-दुर्घटनाग्रस्त वाहनों की जांच - 15 दिन

- एलटी बिजली कनेक्शन - 30 दिन

- फिटनेस सर्टिफिकेट - 10 दिन

- कृषि विभाग से जुड़े लाइसेंस - 30 दिन

- गलत बिजली बिल में सुधार - 24 घंटे

- नया राशन कार्ड - 60 दिन

- टैक्स टोकन - 3 दिन

-पोस्टमार्टम रिपोर्ट - 3 दिन

-दाखिल खारिज (म्यूटेशन) - 18 दिन

- ईंट भट्ठा व क्रशर लाइसेंस - 30 दिन

- जाति, आवासीय व आय प्रमाण पत्र - 15-30 दिन

- पासपोर्ट व चरित्र प्रमाण पत्र का सत्यापन - 7 दिन