पूरी तरह टेक सेवी हैं 75 वर्षीय बिजनेसमैन जगदीश चंद्र अग्रवाल

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ALLAHABAD: शहर में सैकड़ो यंग बिजनेसमैन हैं जो पर-डे लाखों-करोड़ों का टर्नओवर करते हैं. लेकिन आनलाइन जीएसटी रिटर्न से लेकर बिलिंग के लिए कहिए तो अटक जाते हैं. लेकिन जीरो रोड निवासी 75 वर्षीय जगदीश चंद्र अग्रवाल ऐसे शख्श हैं जो इस उम्र में भी न सिर्फ अपना व्यापार संभाल रहे हैं, बल्कि खुद ही जीएसटी रिटर्न भी भरते हैं. बिल बुक की इंट्री के साथ ही अन्य वर्क भी करते हैं और एंड्रायड मोबाइल पर डिजिटल सेवाओं का पूरा इस्तेमाल भी करते हैं.

नहीं लिया किसी का सहारा

जगदीश चंद्र अग्रवाल 1983 से व्यापार कर रहे हैं. उनका कहना है कि तब पूरा काम लिखा पढ़ी में था. बिल बनाने के लिए कैशियर था. लेजर, फोलियो, कैश बुक वे खुद मेंटेन करते थे. जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी आई, उसे अपनाया. 1996 में कम्प्यूटर को अपना लिया था. उस दौरान फोर एट-6 लिया था. बाद में जैसे-जैसे मॉडल बदलते गए, कम्प्यूटर बदलते गए. 2006 से कम्प्यूटर एकाउंटिंग वर्क को अपना लिया, जो आज तक लगातार जारी है. जीएसटी लागू हुआ तो उसे भी जगदीश ने तत्काल अपनाया. जबकि शहर के चालीस प्रतिशत से अधिक व्यापारी सीए के भरोसे हैं. जुलाई से लेकर अब तक जीएसटी में लगातार अप टू डेट हैं. जीएसटी एजुकेशन और नॉलेज चाहता है. वे बताते हैं कि रिटर्न फाइल करने में दस से पंद्रह मिनट लगता है. इंजीनियर होने की वजह से शुरू से टेक्नोलॉजी अपनाने का प्रयास करता हूं.