- बंद के अगुवाई करने वाले कांग्रेस महानगर अध्यक्ष की दुकान भी खुली

-प्रदर्शनकारियों से ज्यादा फोर्स आयी नजर, ज्यादातर दुकानें खुली रहीं

BAREILLY: डीजल-पेट्रोल के दाम बढ़ने को लेकर कांग्रेस के भारत बंद की बरेलियंस ने हवा निकाल दी. जहां शहर के सभी स्कूल खुले रहे, तो ज्यादातर दुकानें खुली रहीं. यहां तक पब्लिक से दुकानें बंद करने का आह्वान करने वाले महानगर अध्यक्ष चौधरी असलम मियां की दुकान भी खुली रही. यह सोशल मीडिया पर कांग्रेस के इस दोमुंहे बोल को लेकर लोगों ने खूब ट्रोल किया. दुकानें बंद करा रहे कांग्रेसियों की तब और फजीहत हो गई, जब बड़ी संख्या में दुकानदारों ने इसका विरोध कर दिया. उनका कहना था कि वह किसी के कहने पर दुकानें बंद नहीं करेंगे. वहीं, सुरक्षा व्यवस्था के चलते प्रदर्शनकारियों से ज्यादा पुलिस फोर्स नजर आयी. एडीजी जोन प्रेम प्रकाश, डीएम वीरेंद्र कुमार और एसएसपी मुनिराज ने मार्केट एरिया में भ्रमण किया.

आधे रह गए प्रदर्शनकारी

कांग्रेस की ओर से पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया. सुबह बंद के लिए अंबेडकर पार्क से करीब 50-60 लोग प्रदर्शन के लिए निकले, लेकिन श्यामगंज तक पहुंचते-पहुंचते आधे ही रह गए. जबकि कांग्रेसियों ने एक दिन पहले ही बंद को सफल बनाने के लिए बाइक रैली निकाली थी, लेकिन कांग्रेसी नेताओं की बातों का कहीं असर नहंी दिखाई दिया. कांग्रेस ने पुलिस पर प्रदर्शन को दबाने का आरोप भी लगाया है, क्योंकि पुलिस ने किसी को जबरन दुकानें बंद ही नहीं कराने दी. पुलिस को सख्त निर्देश थे कि कोई दुकान जबरन बंद कराए तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें. इसका ही असर था कि दुकानदारों ने सुबह से आम दिन की तरह अपनी दुकानें खोलीं.

पोस्टर लगाने पर पब्लिक ने बुलाई पुलिस

बंद में कोई भी गड़बड़ी न हो, इसके लिए फोर्स के पुख्ता इंतजाम किए गए थे. यही वजह थी कि सड़क पर प्रदर्शनकारियों से ज्यादा फोर्स नजर आ रही थी. पुलिस-प्रशासन के अधिकारी खुद नजर रखे हुए थे. एडीजी ने चौपुला के पास विरोध का पोस्टर लगाते हुए देखा तो पुलिस बुलाकर उसे पकड़वा दिया और ड्यूटी से गायब पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया. पुलिस ने मनोज और लड्डन को पकड़ा, लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया. वहीं एसएसपी ने फोर्स के बिना इंतजाम के पहुंचने पर नाराजगी भी जताई.

सुबह तो सभी की दुकाने बंद रहती है

दुकानदारों ने बताया कि कांग्रेस वालों ने सुबह-सुबह मार्केट में घूमने आ गए. और भारत बंद का विरोध करने लगे. जबकि सुबह तो करीब 11 बजे तक सभी मार्केट बंद रहती है. ऐसे में पता ही नहीं चला कि भारत बंद के विरोध में दुकाने बंद है या कोई अभी तक खोलने नहीं आया. बाद में सभी दुकानदारों ने अपनी दुकानें खोल ली. मार्केट के लोगों ने कहा कि पहले असलम मियां खुद की मिठाई की दुकान तो बंद करें उसके बाद दूसरों की दुकानों पर ताला लगवाए. ऐसे कोई दुकान बंद नहीं करेगा.

सपा ने भी जताया विरोध

वैसे तो भारत बंद का ऐलान कांग्रेस ने किया था और सहयोगी पार्टियों को इसमें शामिल होना था, लेकिन बरेली में ऐसा दिखा नहीं. सपा ने प्रदर्शन जरुर किया लेकिन कांग्रेस से अलग किया, ताकि विरोध का क्रेडिट कांग्रेस को न मिले. सपाइयों ने दोपहर में पार्टी कार्यालय से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकाला. इस दौरान जमकर नारेबाजी की और फिर ज्ञापन देकर चले गए.