- युवतियों के बीच सरेआम हाथापाई से लगा मजमा

- कैंट एरिया के गणेश चौराहे पर दोपहर में हुई घटना

Gorakhpur@inext.co.in
GORAKHPUR : शहर में चिट फंड कंपनी के जरिए बेरोजगारों को रोजगार दिलाने के बहाने ठगी का धंधा चल रहा है. एक फर्म में नौकरी दिलाने के बहाने दो जालसाजों ने हजारों रुपए की ठगी कर ली. जालसाजों से जुड़ी तीन युवतियों को पकड़कर लोगों ने पुलिस को सौंप दिया. शुक्रवार को गणेश चौराहा पर हंगामा होने की सूचना पर महिला थाना एसएचओ डॉ. शालिनी सिंह पहुंचीं. आरोपित युवतियों संग अन्य को पकड़कर थाने ले गई. पूछताछ के दौरान सामने आया कि दो युवकों के झांसे में आकर उनके रुपए लुट गए. पुलिस ने जब युवकों से संपर्क करने का प्रयास किया तो मोबाइल स्विच ऑफ बताने लगा. रुपए लेने की आरोपी युवतियों ने पीडि़तों को पैसा लौटाने की बात कही. दोनों पक्षों का शांति भंग में चालान कर पुलिस कार्रवाई में जुटी है.

प्रॉइवेट फर्म में नौकरी के नाम जालसाजी
दिल्ली के द्वारिकापुरी की सुप्रिया अपनी बहन ज्योति संग गोरखपुर में रहकर एक प्राइवेट फर्म में काम करती है. उसकी जान पहचान विष्णुपुरम मोहल्ले के प्रियांशु पटेल और उसकी बहन आरती से है. कुछ दिन पूर्व चारों ने एक दीवार पर प्राइवेट फर्म का पोस्टर देखकर उसके बारे में ऑनलाइन सर्च किया. इस बीच उनकी मुलाकात महराजगंज जिले के सिसवा बाजार की शालिनी सिंह, उसकी बहन नेहा और तमकुही बाजार की रहने वाली अंजली से हुई. आरोप है कि शालिनी, नेहा और अंजली ने चारों को फर्म में नौकरी दिलाने की बात कही. यह भी बताया कि वह लोग खुद उसी फर्म से जुड़कर काम कर रहे हैं. शालिनी, नेहा और अंजली ने चारों को धर्मशाला बाजार में फर्म चलाने वाले योगेंद्र और प्रदीप से मिलवाया. योगेंद्र और प्रदीप ने 6500 रुपए में नौकरी दिलाने का झांसा दिया. उनके प्रभाव में आकर युवतियों ने पैसा जमा करा दिया. लेकिन नौकरी नहीं मिलने पर बेरोजगार भटकती रहीं.

गणेश चौराहे पर मिले, भिड़ गए दोनों पक्ष
शहर में रहने के लिए शालिनी, नेहा और अंजली ने अलहदादपुर मोहल्ले के दीपक चौहान के मकान में किराए पर कमरा लिया था. चार-पांच दिन रहने के बाद तीनों मकान छोड़कर चली गई. किराए के लिए परेशान दीपक भी युवतियों की तलाश में लगा था. उधर नौकरी के लिए दिए गए रुपए डूबने से परेशान सुप्रिया, उसकी बहन ज्योति, प्रियांशु और आरती भी तीनों युवतियों की तलाश कर रहे थे. शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे अचानक गणेश चौराहे पर उनकी मुलाकात हो गई. बात इतनी बढ़ गई कि आपस में मारपीट शुरू हो गई. वहां से गुजर रहे नसीम ने पुलिस को सूचना दी. गोलघर, जटाशंकर चौकी प्रभारी ने मामला शांत कराने का प्रयास किया. दोनों पक्ष एक दूसरे पर पीटने का आरोप लगा रहे थे. मकान मालिक दीपक चौहान पर भी लड़कियों ने पिटाई का आरोप लगाया. भीड़ बढ़ने पर महिला थाना की फोर्स बुला ली गई. थाने ले जाने पर दोनों पक्षों ने रुपए लौटाने की बात पर समझौता कर लिया. उधर योगेंद्र और प्रदीप की तलाश शुरू हुई तो उनका मोबाइल ऑफ हो गया. दोनों पक्षों का शांतिभंग में चालान करके पुलिस कार्रवाई में जुटी है.

मकान मालिक के साथ मिलकर पीडि़त युवतियां जॉब दिलाने वालों की तलाश में लगी थीं. चौराहे पर उनके बीच विवाद होने पर हिरासत में ले लिया गया. दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया है. नौकरी दिलाने के नाम पर लिया गया पैसा लौटाने की शर्त पर समझौता हुआ है. किसी पक्ष ने मुकदमा दर्ज कराने को तहरीर नहीं दी.

- डॉ. शालिनी सिंह, एसएचओ, महिला थाना