-परिजनों ने जिला अस्पताल के डॉक्टर व स्टाफ पर लगाया लापरवाही का आरोप

-बेटा दीपक चौरसिया ने कहा : ऑक्सीजन न मिलने की वजह से मां की गई जान

-हालत गंभीर होने पर स्टाफ को लगाई गुहार, किसी ने नहीं भी दिखाई गंभीरता

Gorakhpur@inext.co.in
GORAKHPUR: जिला अस्पताल की न्यू बिलिंग के जनरल वार्ड में भर्ती महिला की इलाज के दौरान शुक्रवार को मौत हो गई. परिजनों ने डॉक्टर्स व स्टाफ नर्स पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया. परिजनों का आरोप है कि वार्ड में ऑक्सीजन सिलेंडर नहीं था. इसके लिए कई बार स्टाफ रूम की दौड़भाग की. मगर किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई. हंगामे की सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने परिजनों को समझा बुझाकर मामले को शांत कराया.

शाम चार बजे महिला की मौत हो गई
सिकरीगंज एरिया के भिटहा कुॅवर की मुन्नी लाल चौरसिया की 48 वर्षीय पत्नी शकुंतला देवी को शुक्रवार सुबह सांस की दिक्कत हुई. परिजनों ने जिला अस्पताल के इमरजेंसी में भर्ती कराया. शाम चार बजे महिला की मौत हो गई. आरोप था कि शकुंतला को करीब 11 बजे इमरजेंसी में इलाज के लिए जिला अस्प्ताल लेकर आए थे. लेकिन जिस स्टाफ नर्स की ड्यूटी थी वह कक्ष में नहीं थ्री. इस बीच मरीज की हालत धीरे-धीरे गंभीर हो रही थी. मरीज को ऑक्सीजन की जरूरत थी, लेकिन वार्ड में आँक्सीजन सिलेंडर नहीं था. इसके लिए स्टाफ कक्ष में भागदौड़ करता रहा लेकिन वहां सुनने वाला कोई नहीं था. शाम करीब चार बजे मरीज की हालत गंभीर हुई और ऑक्सीजन के अभाव में उसने दम तोड़ दिया. इस दौरान चिकित्सक भी मौके पर मौजूद नहीं थे.

बेटे ने मुंह से दिया ऑक्सीजन
शकुंतला का बेटा दीपक चौरसिया ने बताया कि मां को सांस की बीमारी थी. उन्हें छह रोज पहले निजी डॉक्टर से दिखाया गया. डॉक्टर ने जांच की सलाह दी. रिपोर्ट में सबकुछ सामान्य था. आज सुबह जब उन्हें सांस की दिक्कत होने लगी तो जिला अस्पताल लाया गया. मां की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें मुंह से ही ऑक्सीजन देने की कोशिश की, फिर भी नहीं बचा सके.

बवाल होता देख फाड़ दिए ड्यूटी चार्ट
उधर, वार्ड में परिजनों का हंगामा चल रहा था. तो इधर किसी ने दीवार पर चस्पा ड्यूटी चार्ट फांड़ दिया. दीपक का कहना है कि यहां स्टाफ की घोर लापरवाही है. अन्य मरीजों के साथ भी सौतेला व्यवहार किया जाता है. इस लापरवाही की शिकायत ऊपर तक करेंगे.

अस्पताल में महिला की मौत पर हंगामा की सूचना मिली थी. मरीज से जिस समय अस्पताल आई थी उस दौरान उसकी हालत ठीक नहीं थी. डॉक्टर इलाज कर रहे थे. वार्ड में ऑक्सीजन सिलेंडर था. परिजनों की ओर से जो आरोप लगाए जा रहे हैं वह गलत है. फिर भी मामले की जांच कराई जाएगी. जांच में अगर हेल्थ कर्मी दोषी मिला तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

डॉ. आरके गुप्ता, एसआईसी, जिला अस्पताल