- सेंट एंड्रयूज कॉलेज की घटना, भ्रष्टाचार सहित अन्य समस्याओं को लेकर ज्ञापन देने गए थे छात्र

- ज्ञापन देते समय हुई झड़प, शिक्षकों का मारपीट का आरोप, प्रिंसिपल की तरफ से कैंट थाने में दी गई तहरीर

GORAKHPUR: मनमाने ढंग से फीस वसूली सहित अन्य मामलों को लेकर हुए बवाल ने बुधवार को सेंट एंड्रयूज कॉलेज के प्रिंसिपल ऑफिस को अखाड़ा बना दिया. ज्ञापन देने पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं से प्रिंसिपल सहित प्रॉक्टोरियल बोर्ड सदस्यों की तीखी झड़प हो गई. टीचर्स का आरोप है कि छात्रों ने मारपीट भी की. वहीं, कॉलेज में हुए हंगामे के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने डीएम ऑफिस पर पहुंच भी प्रदर्शन किया. सिटी मजिस्ट्रेट से मिलकर कॉलेज प्रिंसिपल पर मनमानी वसूली का आरोप लगा कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपा. उधर कॉलेज प्रिंसिपल की तरफ से कैंट थाने में एबीवीपी कार्यकर्ताओं पर दु‌र्व्यवहार का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई है.

कॉलेज गेट से ही शुरू हो गया बवाल

बता दें, सेंट एंड्रयूज कॉलेज माइनॉरिटी कॉलेज है. ज्ञापन देने पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं का आरोप था कि यहां पर बाकी कॉलेजेज की तुलना में यूजी, पीजी या लॉ की पढ़ाई के लिए मोटी फीस वसूली जाती है. यह खेल कई वर्षो से चल रहा है लेकिन कॉलेज प्रबंधन का यह रवैया कभी बदला नहीं. बुधवार सुबह 11.40 बजे सेंट एंड्रयूज कॉलेज पहुंचे एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने कॉलेज गेट पर नारेबाजी शुरू कर दी. कार्यकर्ताओं को प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने गेट पर रोकने की कोशिश लेकिन छात्र जबरदस्ती प्रिंसिपल ऑफिस तक पहुंच गए. प्रिंसिपल डॉ. जेके लाल के साथ पहले छात्रों की बहस हुई फिर प्रदर्शनकारियों ने उत्पात मचाना शुरू कर दिया. प्रिंसिपल डॉ. जेके लाल का आरोप है कि उन्होंने समझाने का प्रयास किया उनके साथ हाथापाई की गई. शिक्षकों के साथ भी मारपीट की गई.

पुलिस के सामने भी मनमानी

कॉलेज प्रशासन की तरफ से तत्काल इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई. कैंट पुलिस भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंची. लेकिन पुलिस पहुंचने के बाद भी एबीवीपी कार्यकर्ता नारेबाजी करते रहे. यहां से वे डीएम ऑफिस पहुंच गए. नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं ने सिटी मजिस्ट्रेट विवेक श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग की. प्रदर्शन करने वालों में कुलदीप, सौरभ गौड़, प्रकाश आदित्य पांडेय, सौरभ पांडेय, अनिल दुबे, आलोक सिंह, सचिन शाही, रंजीत सिंह, बोनी शुक्ल, अश्वनी शुक्ल, अंशुमान पाठक, योगेश्वर पांडेय, संदीप पाठक, अमृता गुप्ता, कुशुम शुक्ला समेत भारी संख्या में स्टूडेंट्स मौजूद रहे.

प्रिंसिपल ने दी तहरीर

वहीं, प्रिंसिपल जेके लाल ने कैंट थाने में दी गई तहरीर के मुताबिक, सुबह करीब 11.40 बजे एबीवीपी के लगभग 30-40 कार्यकर्ता ज्ञापन देने के लिए कॉलेज परिसर में नारा लगाते हुए पहुंचे. अंदर आते ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने कहा कि केवल 5-7 लोग ही प्रिंसिपल कक्ष में जाकर अपनी बात रख सकते हैं. जिस पर वे राजी हो गए लेकिन दरवाजा खुलने पर पूरी भीड़ प्रिंसिपल रूम में आ गई. प्रॉक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों द्वारा मना करने पर मारपीट करने लगे. प्रिंसिपल ने बीचबचाव किया तो उन्हें भी अपशब्द कहते हुए भी मारपीट की गई. प्रिंसिपल ने कहा है कि महानगर मंत्री सौरभ कुमार गौड़ ने दो पेज का ज्ञापन दिया जिसे रिसीव भी नहीं किया गया. प्रिंसिपल ने एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ समुचित दंडात्मक कार्रवाई की मांग उठाई है.

नहीं हुई कार्रवाई तो करेंगे हड़ताल

वहीं, डॉ. सुशील कुमार राय, डॉ. हरि ओम गुप्ता, डॉ. शेखर वर्मा, डॉ. सीपी गुप्ता, विद्यावती, रवींद्र कुमार, डॉ. गौरव श्रीवास्तव, डॉ. राहुल श्रीवास्तव समेत कई टीचर्स व कर्मचारियों ने भी एबीवीपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ 24 घंटे में कार्रवाई की मांग जिला प्रशासन से उठाई है. उसके बाद कार्रवाई न होने पर अनिश्चित कालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है.

क्या थी एबीवीपी कार्यकर्ताओं की मांग

- प्रवेश के नाम पर फीस का 4-5 गुना तक पैसे लकर मनमाने ढंग से प्रवेश लिया जा रहा है. इसे बंद किया जाए.

- यूनिवर्सिटी प्रवेश नियमावली के आधार पर ही कॉलेज में प्रवेश प्रक्रिया को सुनिश्चित किया जाना चाहिए.

- प्रिंसिपल व शिक्षकों द्वारा की जा रही तानाशाही को समाप्त किया जाए.

- अल्पसंख्यक कोटे में 50 प्रतिशत अल्पसंख्यक विद्यार्थियों का प्रवेश सुनिश्चित है, जिसको पूर्ण रूप से पारदर्शी किया जाए.

- जिस विषय की मान्यता नहीं प्राप्त है उस विषय में प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए.

- कॉलेज में सितंबर माह के अंतिम सप्ताह में छात्रसंघ चुनाव संपन्न कराया जाए.

- कॉलेज की ओर से अपने शैक्षिक कैलेंडर विकास के लिए क्रीड़ा सामग्री की समुचित व्यवस्था कराई जाए.

- कालेज में स्टूडेंट्स के स्वास्थ्य के लिए चिकित्सा की व्यवस्था कराई जाए.

- कॉलेज वर्ष भर की आय-व्यय अपनी वेबसाइट पर सार्वजनिक करे.