RANCHI: विघ्नहर्ता भगवान गणेश का पर्व गणेश चतुर्थी शुक्रवार से शुरू होगा. इस दिन लोग अपने घरों में भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित करके विधि-विधान से इनका पूजन करेंगे. पूजा के दसवें दिन यानी गणेश अनंत चतुदर्शी के दिन प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है. इस बार यह पर्व ख्भ् अगस्त से पांच सितंबर तक चलेगा. भाद्र पद में आनेवाला यह पर्व बेहद शुभ है, क्योंकि इस बार यह हस्त नक्षत्र में पड़ रहा है, जिसे बहुत शुभ माना जाता है. ज्योतिषाचार्य पंडित रामदेव पांडेय ने बताया कि जिस दिन गणेश चतुर्थी है, उसी दिन शनि अपनी सीधी चाल चलेंगे. न्यायाधिपति शनिदेव ख्भ् अगस्त की शाम पांच बजकर क्9 मिनट पर वृश्चिक राशि में मार्गीय हो रहे हैं. इस दिन शनिदेव की पूजा करनेवाले सभी राशियों के लोगों पर शनिदेव की खूब कृपा बरसेगी. इससे पहले गणेश स्थापना के समय शनिदेव क्9भ्9 में इसी दिन मार्गीय हुए थे. इस बार दिन वक्री होने के बाद शनिदेव ख्भ् अगस्त से मार्गीय हो रहे हैं. हस्त नक्षत्र में रवि योग और गज केसरी योग बनने के कारण यह भक्तों के लिए विशेष फलदायी है.

न्यायाधिपति शनिदेव के वृश्चिक राशि में मार्गीय होने से इस दिन शनिदेव की पूजा करनेवाले सभी राशियों के लोगों पर भी कृपा बरसेगी.

-ज्योतिषाचार्य पंडित रामदेव पांडेय