-अभी भी मामले को रफा-दफा करने में जुटा हॉस्पिटल मैनेजमेंट

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BAREILLY: बदायूं रोड स्थित प्राइवेट हॉस्पिटल के आईसीयू में एडमिट किशोरी से सामूहिक दुष्‍कर्म केस में आखिरकार पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है. पिता की तहरीर पर पुलिस ने नर्सिग स्टाफ सुनील कुमार व दो अज्ञात के खिलाफ सामूहिक दुष्‍कर्म और पॉक्सो एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की है. पुलिस ने आरोपी सुनील को हिरासत में लिया है. वहीं दूसरी ओर हॉस्पिटल मैनेजमेंट अभी भी केस को रफा-दफा करने में लगा है, जिसमें पुलिस का भी कहीं न कहीं सहयोग मिल रहा है. सैटरडे दोपहर पेशेंट की फाइल पर अंगूठा लगाने को लेकर स्टॉफ और किशोरी के पिता में नोकझोंक हो गई, जिसमें फाइल भी फट गई. किशोरी को हॉस्पिटल से डिस्चार्ज कराने के बाद डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में मेडिकल के लिए भेजा गया है.

पिता को बाहर रोक दिया था

बता दें कि भमोरा के एक गांव की 16 वर्षीय किशोरी को 29 अक्टूबर को पॉइजन केस में बदायूं रोड स्थित मेधांश हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया था. किशोरी को आईसीयू में वेंटीलेटर पर रखा गया था. 30 अक्टूबर को उसे वेंटीलेटर से हटाया गया था. इस दौरान कई पेशेंट आईसीयू में आए और चले गए. किशोरी का आरोप है कि 30 अक्टूबर की रात में नर्सिग स्टाफ सुनील शर्मा व दो अन्य ने उसके साथ दुष्‍कर्म किया. इस दौरान उसकी पेशाब की नली निकाल दी थी और फिर से लगा दी थी. जिस वक्त वारदात हुई, उस वक्त उसे ज्यादा होश नहीं था. न ही वारदात के वक्त आईसीयू में कोई पेशेंट ही था. आरोपियों ने उसके पिता को भी बाहर रोक दिया था. जब उसे होश आया तो उसने पिता को बताने की कोशिश की लेकिन शर्म के चलते नहीं बता सकी. जब उसकी दादी पहुंची तो उसने इस बारे में बताया. जिसके बाद पिता ने विधायक पप्पू भरतौल को फोन किया और फिर पुलिस मौके पर जांच करने पहुंची.

पुलिस करती रही हीला-हवाली

आईसीयू में दुष्‍कर्म की सूचना पर चौकी इंचार्ज देवेंद्र सिंह पहुंचे लेकिन उन्होंने मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की, लेकिन जब मामला अधिकारियों तक पहुंचा तो फिर सीओ व एसएचओ ने मौके पर जाकर पूछताछ की. हॉस्पिटल में एडमिट मरीजों के भी बयान लिए गए. स्टाफ से भी पूछताछ की गई और फिर रात में एफआईआर दर्ज कर ली गई. एफआईआर दर्ज होने के बाद भी चौकी इंचार्ज हॉस्पिटल पहुंचे, लेकिन उन्हें चिंता हॉस्पिटल की थी न कि लड़की की. इसलिए वह हॉस्पिटल मैनेजमेंट के पास पहुंचे और जल्द से जल्द लड़की के डिस्चार्ज कराने की तैयारी में लग गए.

फाइल पर अंगूठा लगाने पर नोकझोंक

किशोरी के इलाज के 5 दिन का बिल 21 हजार रुपए बना था. जिसमें से 9 हजार रुपए लड़की के परिजनों ने भुगतान भी कर दिए थे. लड़की के पिता का आरोप है कि हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने फाइल पर जबरन अंगूठा लगाने की कोशिश की तो उन्होंने साफ मना कर दिया. इसमें फाइल के कागज फट गए. वहीं हॉस्पिटल मैनेजमेंट ने फाइल फाड़ने का आरोप लगाया है.

सीसीटीवी में हो रही थी रिकार्डिग

आईसीयू में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं, लेकिन हॉस्पिटल मैनेजमेंट बता रहा है कि कैमरे तो चल रहे हैं लेकिन इनमें रिकार्डिग नहीं हो रही है. इसकी वजह मेंटीनेंस बताई जा रही है लेकिन क्या सच में कैमरे खराब थे या फिर रिकार्डिग पुलिस को नहीं दी जा रही है. हॉस्पिटल के डॉक्टर मुकेश जौहरी का कहना है कि दुष्‍कर्म का आरोप है. आईसीयू में दुष्‍कर्म कैसे हो सकता है, क्योंकि वहां अन्य पेशेंट व स्टाफ भी मौजूद रहता है. यह हॉस्पिटल को बदनाम करने की साजिश है.