गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई ने अनुभवहीन ठेकेदारों को सौंपा है कार्य

खोदाई के दौरान कहीं नहीं लगाई जा रही है लोहे की प्लेट

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ALLAHABAD: गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई द्वारा पूरे शहर में सीवर लाइन बिछाने का काम कराया जा रहा है. लेकिन इस दौरान जगह-जगह तोड़ी जा रही पाइप लाइन और कनेक्शन में बरती जा रही लापरवाही से पूरा शहर परेशान है. इसके लिए गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के साथ ही पेटी कांट्रैक्टरों को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है. आरोप लग रहा है कि अनुभवहीन ठेकेदारों को काम सौंपने से यह स्थिति आ रही है. मेयर व पार्षदों के साथ ही अन्य लोगों द्वारा सीवर लाइन बिछाने के काम में मानकों की अनदेखी का आरोप लगाया जा रहा है.

पेटी कांट्रैक्टर करा रहे काम

सीवर लाइन बिछाने के निर्धारित मानक के अनुसार वही ठेकेदार काम पा सकता है जिसे एक हजार करोड़ का काम कराने का अनुभव हो. लेकिन इलाहाबाद में मानकों की अनदेखी कर पेटी कांट्रैक्टरों से काम कराया जा रहा है. अल्लापुर के साथ ही शहर के जिन रिहायशी इलाकों में सीवर लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी जा रही है वहां लोहे की प्लेट नहीं लगाई जा रही है. इससे खोदाई के दौरान मिट्टी खिसकने पर दुर्घटना की आशंका रहती है.

क्या आ रही हैं दिक्कतें

- काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं है

गंगा का बालू लाकर डाल दिया जा रहा है, जो हादसे का कारण बन सकता है

- खोदाई के दौरान जगह-जगह पाइप लाइन तोड़ी जा रही है

- मेन पाइप लाइन कहां है? इसकी जानकारी खोदाई से पहले जलकल विभाग से नहीं ली जा रही है

किस योजना में कहां हो रहा काम

डिस्ट्रिक्ट ए-

सिविल लाइंस, रामबाग, कृष्णानगर, मलकाराज, नार्थ मलाका, साउथ मलाका

डिस्ट्रिक्ट बी-

करेली, बारह और सोलह मार्केट, गड्ढा कालोनी, करैलाबाग, भावापुर, आवास विकास कालोनी, हिम्मतगंज, बेनीगंज, लूकरगंज, कसारी-मसारी, गौसनगर.

डिस्ट्रिक्ट सी-

अल्लापुर, बाघंबरी गद्दी, दारागंज, छोटा बघाड़ा, बक्शी बांध के समीप के क्षेत्र.

डिस्ट्रिक्ट ई

सैनिक कालोनी, सुलेमसराय, न्याय नगर, न्याय विहार कालोनी, कन्हईपुर, चकमीरापट्टी, मीरापट्टी, जयंतीपुर, मधुवन विहार कालोनी, अरियप्पा नगर, रम्मन का पुरवा, प्रीतमनगर और भोला का पुरवा.

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सीवरेज में इतना काम पूरा होने का दावा

सीवरेज डिस्ट्रिक्ट ए

- उपलब्ध धनराशि 29,716 लाख, खर्च हुआ 12,410 लाख 68 प्रतिशत काम हुआ कम्प्लीट- 165 किलोमीटर लाइन बिछाकर 7,420 घरेलू कनेक्शन किए गए, दो सीवेज पम्पिंग स्टेशन का कार्य जारी है.

सीवरेज डिस्ट्रिक्ट बी

- उपलब्ध धनराशि 26,586 लाख, खर्च हुआ 13,002 लाख, 65 प्रतिशत हुआ काम, 141.28 किमी सीवर लाइन बिछाकर 11,195 घरों में सीवर संयोजन का हुआ काम, एक सीवेज पम्पिंग स्टेशन का काम है जारी.

सीवरेज डिस्ट्रिक्ट सी

- उपलब्ध धनराशि 15,268 लाख, खर्च हुआ 6,722 लाख, 88 प्रतिशत काम हुआ. 123.00 किमीटर सीवर लाइन बिछा कर 10,029 घरेलू सीवर संयोजन कराए गए.

सीवरेज डिस्ट्रिक्ट ई

- उपलब्ध धनराशि 14,200 लाख, खर्च हुआ 13,138 लाख, काम हुआ 100 प्रतिशत, 111 किमी सीवर लाइन बिछाकर व दो सीवेज पम्पिंग स्टेशन स्थापित कर घरेलू कनेक्शन कराए गए.

सीवरेज डिस्ट्रिक्ट ई

- 2 उपलब्ध धनराशि 5,278 लाख, खर्च हुआ 3,225 लाख, 95 प्रतिशत काम हुआ. 43 किमी सीवर लाइन बिछा कर मीरापट्टी मोहल्ले को सीवर लाइन से जोड़ा गया.

गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई और एल एंड टी बड़े पैमाने पर पेट्री कांट्रैक्टरों से सीवर लाइन का काम करा रही है. उन्हें इस तरह के काम का अनुभव नहीं है. इसकी पूरी जिम्मेदारी गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई के अधिकारियों की है. उन्हें कांट्रैक्टरों को या तो ट्रेंड करना चाहिए या अपनी निगरानी में काम कराना चाहिए. इसकी शिकायत नगर विकास मंत्री से की गई है.

अभिलाषा गुप्ता

मेयर

नगर निगम, इलाहाबाद

जेएनएनयूआरएम योजना के तहत जब सीवरेज का काम शुरू हुआ था, उस समय 1000 हजार करोड़ के सीवरेज का काम कराने वाले ठेकेदार से ही काम कराने का मानक निर्धारित था. यूपी में इस मानक का कोई ठेकेदार न मिलने पर गुजरात की कंपनी एल एंड टी को ठेका दिया गया. मेन कांट्रैक्ट अभी भी एल एंड टी के नाम है. लेकिन एल एंडी टी द्वारा पेटी कांट्रैक्टरोंसे काम कराया जा रहा है.

शिवसेवक सिंह

पूर्व पार्षद

सीवर लाइन बिछाने के काम ने पिछले कुछ महीनों में रफ्तार पकड़ी है. काम इतना बड़ा है कि उसे पूरा करने के लिए कांट्रैक्टरों की मदद लेनी पड़ रही है. अधिकारी काम की निगरानी कर रहे हैं. जहां काम पूरा हो चुका है, वहां अब रेस्टोरेशन का काम तेज होगा.

पीके अग्रवाल, जीएम, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई