-लेटे हनुमान मंदिर में मंदिर परिसर में गूंजता रहा जयकारा

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ALLAHABAD: पिछले सात दिनों से जनमानस को जिस क्षण का बेसब्री से इंतजार था वह रविवार को देर शाम आ ही गया. मोक्षदायिनी मां गंगा ने संगम क्षेत्र स्थित नगर कोतवाल बड़े हनुमान जी मंदिर में पवनसुत का अभिषेक किया. इसके साथ ही मंदिर परिसर में मौजूद भक्तों के समूह ने आस्था और उल्लास के माहौल में घंटा-घडि़याल की थाप के बीच सीताराम-सीताराम, गंगा मइया की जय, हर-हर गंगे व पवनसुत हनुमान की जय का जयकारा लगाना शुरू कर दिया.

महंत नरेन्द्र गिरि ने उतारी आरती

मां गंगा का आगमन परिसर में स्थित गदा के सामने होते ही मंदिर के प्रमुख महंत नरेन्द्र गिरि अपने शिष्यों के संग उनका स्वागत करने के लिए पहुंच गए. मंदिर के मुख्य द्वार को बंद कर दिया गया. उन्होंने मां गंगा की आरती उतारी और पवनसुत का पूजन-अर्चन किया.

दो साल बाद मां ने किया अभिषेक

आखिरकार दो साल के अंतराल के बाद मां गंगा ने पवनसुत का अभिषेक कर ही दिया. गंगा-यमुना में पिछले दस दिनों से पानी के बढ़ने का सिलसिला चल रहा था. एक सप्ताह पहले मंदिर की दहलीज के सामने पानी पहुंच गया था लेकिन पानी कम हुआ तो जनमानस को निराशा हाथ लगी. फिर भी लोगों को उम्मीद थी कि मां गंगा पवनसुत हनुमान को जरूर नहलाएंगी. भक्तों की यह मनोकामना रविवार को पूरी हो गई.

वर्जन

यह भगवान शिव का आशीर्वाद है. मां गंगा अनादि काल से पवनसुत को नहला रही हैं. ऐसा अवसर दो साल बाद आया है. हम लोगों ने मां गंगा से कामना की है कि देश का विकास हो, किसान खुशहाल हो और कुंभ मेला सकुशल सम्पन्न हो.

-महंत नरेन्द्र गिरि, अध्यक्ष अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद