गंगा-यमुना के जलस्तर में लगातार जारी है वृद्धि

नरौरा और टिहरी डैम से छोड़ा गया 14 लाख क्यूसेक पानी

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ALLAHABAD: बहुत पुरानी कहावत है 'सावन से भादो दुबर नाही'. ये इस वर्ष मौसम पर बिल्कुल सही साबित हो रही है. सावन का महीना तो बाढ़ की संभावनाओं में बीत गया, लेकिन अब भादो में गंगा और यमुना की जल धारा आवेग में है. सावन में संभावना जताई जा रही थी कि इस बार गंगा-यमुना की धारा बड़े हनुमान को स्नान कराएगी. नदियों के बढ़ते जलस्तर को देख अब वह संभावना पूरी होती दिख रही है.

टिहरी, नरौरा, माता टीला से छोड़ा पानी

चारों तरफ हो रही बरसात के कारण झांसी के माताटीला डैम, बुलंदशहर स्थित नरौरा और टिहरी डैम से लगातार कई लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है. कुछ दिनों पहले छोड़ा गया 14 लाख क्यूसेक पानी अब इलाहाबाद पहुंचने लगा है. जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के कारण बाढ़ की संभावना को देखते हुए बक्शी बांध स्लूज गेट को दो दिन पहले ही बंद कर दिया गया है.

डीएम ने जारी किया एलर्ट

गंगा और यमुना किनारे निचले क्षेत्र व हाई फ्लड एरिया में बस चुकी आबादी अब पानी से घिर गई है. कई घरों, गांवों व बस्तियों में गंगा-यमुना का पानी पहुंच चुका है. खतरे को देखते हुए डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ने सभी बाढ़ चौकियों को एक्टिव कर दिया है. डीएम ने सभी एसडीएम और तहसीलदारों को बाढ़ प्रभावित इलाकों में ही कैंप करने का निर्देश दिया है. गंगा-यमुना के जलस्तर पर हर घंटे नजर रखी जा रही है.

03 अक्टूबर जलस्तर

फाफामऊ- 80.59 मीटर

नैनी- 79.54 मीटर

छतनाग- 78.91 मीटर

24 घंटे में 31 सेमी बढ़ा जलस्तर

24 घंटे में गंगा का जलस्तर 31 सेंटीमीटर बढ़ते हुए फाफामऊ में 80.59 मीटर पर पहुंच गया. वहीं यमुना का जलस्तर 56 सेंटीमीटर बढ़ते हुए नैनी में 79.54 मीटर पर पहुंच गया. छतनाग में 51 सेंटीमीटर वृद्धि दर्ज करते हुए जलस्तर 78.91 मीटर पहुंच गया है.

मध्य प्रदेश व बुंदेलखंड में हो रही भारी बारिश के कारण माता टीला डैम से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है. वहीं टिहरी डैम के साथ ही चम्बल से भी पानी आ रहा है. इसकी वजह से जलस्तर में वृद्धि जारी रहने की संभावना है.

मनोज सिंह

अधिशासी अभियंता, बाढ़ खंड