ककककक्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: सिटी के क्रिमिनल्स अपने रंगदारी वसूली के रुपए को सूद के धंधे में लगाकर सीधे 10 गुना करने का खेल धड़ल्ले से खेल रहे हैं. उनकी दहशत के साथ पुलिस की सह के कारण उनका धंधा तेजी से बढ़ता जा रहा है. हालात यहां तक गंभीर हो गए हैं कि इन अपराधियों ने अपने परिवार के लोगों पत्नी, भाई, बहन के साथ-साथ अपने गुर्गो को भी सूद वसूली के कारोबार में लगा दिया है. इनके निशाने पर छोटे कारोबारी व फुटपाथ दुकानदार होते हैं, जो प्रतिदिन इन अपराधियों को सूद का भुगतान करते हैं. इसके अलावा मजदूर, कुली, बढ़ई, रिक्शा चालक, देसी शराब विक्रेता, चाउमिन विक्रेता समेत कई छोटे-मोटे काम करने वाले लोग इन अपराधियों के सूदखोरी के धंधे में शिकार बनकर इनको मोटी कमाई करा रहे हैं.

अलग-अलग बांटा इलाका

सूदखोरी के इस धंधे को चलाने के लिए इन क्रिमिनल्स ने रांची को विभिन्न एरिया में बांट लिया है. हर इलाके में अलग-अलग लोग सूदखोरी के इस धंधे को चला रहे हैं, जिन्हें अपराधियों का संरक्षण मिल रहा है.

कैसे चलता है सूदखोरी का धंधा

सूदखोरी के धंधे को चलाने के लिए अपराधी पहले छोटे कारोबारियों से रंगदारी की डिमांड करते हैं. रंगदारी नहीं होने का रोना रोने वाले लोगों को कारोबार बढ़ाने के लिए या अन्य जरूरतों के लिए 10 हजार से लेकर लाखों रुपए उधार दिए जाते हैं. इस उधार के रुपए पर सीधे 10 प्रतिशत मासिक सूद लगाया जाता है, जिसे 30 दिनों में बांटकर डेली वसूली की जाती है.

10 माह में रुपए डबल का लालच

इन क्रिमिनल्स की पहुंच शहर के कुछ बड़े कारोबारियों तक भी होती है. ये लोग उनसे 10 माह में रुपया डबल करने का लोभ देकर रुपया वसूलते हैं और उसे मीडिएटर बनकर किसी छोटे कारोबारी को सूद पर उधार दे देते हैं. फिर इन रुपयों का सूद भी उन्हें 3-4 माह तक मासिक मिलता रहता है, लेकिन उसके बाद अपराधी सारे रुपयों का बंदरवांट कर हिसाब खत्म कर देता है, जिसके कारण बड़े कारोबारियों की काफी शिकायतें हैं.

सुजीत सिन्हा व बिट्टू मिश्रा की पत्नियों के नाम केस

पुलिस को सूचना मिली है कि कुख्यात अपराधी सुजीत सिन्हा की पत्नी रिया सिन्हा और बिट्टू मिश्रा की पत्नी रीता सूदखोरी के धंधे को ऑपरेट कर रही हैं. दोनों के आपसी झगड़े भी हो चुके हैं जिससे संबंधित शिकायत पंडरा थाना में दर्ज है. इन दोनों अपराधियों के अलावा कई अन्य अपराधी भी इस धंधे में लिप्त हैं, जिनकी जानकारी पुलिस खंगाल रही है.