क्त्रन्हृष्ट॥ढ्ढ: रांची से युवती का अपहरण कर गैंगरेप की पीडि़ता को गवाही के लिए धनबाद बुलाया है. पीडि़ता के परिजनों को डीएसपी संगीता मुर्मू ने फोन कर कोर्ट में बयान देने के लिए बुलाया है. इधर, परिजनों ने धनबाद जाकर पीडि़ता के गवाही देने में असुरक्षा का भय जताया है. परिजनों ने डीएसपी से बात कही तो उनके द्वारा कहा गया कि रांची पुलिस उन्हें सुरक्षा देगी. इधर, परिजनों ने आरोप लगाया है कि गैंगरेप के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था. लेकिन, अब पुलिस उनमें से तीन को बेगुनाह मान रही है. प्राथमिकी में भी उनलोगों को अप्राथमिकी अभियुक्त बनाया गया था. जिन लोगों को अभियुक्त बनाया गया था, उनमें प्राथमिक अभियुक्त पारितोष पांडेय, अप्राथमिक अभियुक्त प्रकाश हाजरा-पिता महेंद्र हाजरा (मंझिलाडीह, पंडुकी), गुड्डू कुमार-पिता राम बिलास हाजरा और कुंदन हाजरा-पिता विनोदानंद हाजरा (सभी पंडुकी, टोला पुरनाडीह) शामिल हैं. पीडि़ता के भाई ने धमकी दी है कि यदि आरोपी छूटेंगें तो वे लोग सपरिवार आत्मदाह कर लेंगे.

क्या है मामला

गौरतलब हो कि पुलिस ने बरवाअड्डा थानांतर्गत पंडुकी में मांडर (रांची) की आदिवासी युवती के साथ गैंग रेप के मुख्य आरोपी समेत चार युवकों को गिरफ्तार किया था. सभी पंडुकी (बरवाअड्डा) के रहने वाले हैं. अनुसंधान में यह बात सामने आई है कि परितोष पांडेय नामक युवक ने पीडि़ता को नौकरी का झांसा देकर रांची से बहला-फुसलाकर बरवाअड्डा बुलाया था. पंडुकी फुटबॉल मैदान के पास ले जाकर उसने अपने साथियों के साथ पीडि़ता से गैंग रेप किया और उसके बाद हमला कर बुरी तरह घायल कर दिया था. उस वक्त एसएसपी ने भी पंडुकी में बेहोशी की हालत में 24 सितंबर की सुबह अज्ञात लड़की मिलने के बाद आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी. बाद में लड़की का मेडिकल कराया गया था, जिसमें पीडि़ता के साथ सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी.

व्हाट्सएप्प पर भाई ने बताई आपबीती

अगर इस बार हमें न्याय नहीं मिलेगा तो हमलोग जी कर क्या करेंगे और वैसे भी डर भरी जिंदगी और हम गरीबों के लिए कानून सब है ही नहीं. सर हमे और हमारे दुख को समझिए और हमारे साथ जो इस प्रकार बार-बार अन्याय हो रहा है उनसे हमें बचाइए ताकि हम गरीब जी सकें. इस तरह की जिंदगी जीने से अच्छा तो हमलोग पूरा परिवार एक साथ मर जाने में ही भलाई है. इस तरह की दर्द भरी जिंदगी से तो कम से कम छुटकारा मिलेगा. अगर यूं ही मुजरिम को छोड़ दिया गया तो दुबारा परिवार इस तरह की हादसा बार बार हमलोग कैसे सहन करेंगे हमलोग तो मात्र इंसान ही हैं में और वैसे भी मेरे और बहने है उनकी जिंदगी का क्या होगा.

कोट

इस मामले में पुलिस की ओर किसी भी आरोपी को नहीं बचाया जा रहा है. पुलिस इस मामले में आरोपी को पूरा सजा दिलाने का प्रयास कर रही है.

दिनेश कुमार, थाना प्रभारी, बरवाअड्डा, धनबाद