डिस्पेंसरी पर डॉक्टर्स नहीं कर पाएंगे फर्जीवाड़ा

भेजनी पडे़गी रियल टाइम डिटेल

Meerut. आयुष विभाग के तहत गांवों में खोली गई डिस्पेंसरी पर अब शासन सीधे अपनी नजर रखेगा. इसके लिए विभाग की ओर से सर्विलेंस ऐप तैयार कराई जा रही है. इस ऐप के जरिए डॉक्टर्स को अपनी रियल टाइम लोकेशन भेजनी होगी. वहीं आने-जाने का समय भी अपडेट करना होगा.

हीलाहवाली पर रोक

शासन की ओर से तैयार कराई जा रही इस जियो ऐप के जरिए विभाग डॉक्टर्स की हीलाहवाली पर रोक लगा सकेगा. विभागाधिकारियों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष विभाग के आयुर्वेद, होम्योपैथ व यूनानी सेवाओं का मरीजों का लाभ नहीं मिल पर रहा है. डॉक्टर्स मौजूद नहीं रहते जिसकी वजह से मरीजों को भटकना पड़ता है. ऐसे में डॉक्टर्स की उपलब्धता बनी रहे इसके लिए इस ऐप को तैयार कराया जा रहा है. यह ऐप जियो लोकेटर से लैस है.

ऐप पर होगी हाजिरी

आयुष विभाग के डॉक्टर्स को यह ऐप मोबाइल पर डाउनलोड करनी होगी.

इसके बाद डॉक्टर्स को अपनी हाजिरी भी यहीं पर ही अपडेट करनी होगी.

मरीजों को देखते हुए फोटो भी अपलोड करनी होगी.

जियो लोकेटर डॉक्टर की लोकेशन खुद की अपडेट करेगा.

अगर कोई डॉक्टर गलत सूचना अपडेट करेगा तो वह तुरंत पकड़ में आ सकेगा.

अपडेट हाेगा ब्योरा

ऐप के जरिए डॉक्टर्स का ब्यौरा भी अपडेट होगा.

हर डॉक्टर की तैनाती का स्थान कंप्यूटर में दर्ज होगा.

डॉक्टर्स के पास ऐप डाउनलोड करने का पूरा रिकार्ड भी विभाग ट्रैक करेगा.

ये सुविधाएं भी होंगी

टेलीमेडिसिन, टेली लर्निग, ओपीडी एप सर्विस, मेडिकल सर्टिफिकेट की सुविधा भी तैयार की जाएगी.

आयुष विभाग की ओर से जियो लोकेटर ऐप तैयार किया जा रहा है. इसे जल्द ही सभी के लिए लागू कर दिया जाएगा.

डॉ. राजकुमार, सीएमओ, मेरठ