रांची: गर्मी तेज होते ही राजधानी रांची सहित राज्य के बाकी सभी जिलों में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। समस्या यहीं खत्म नहीं होती अग्निशमन विभाग भी मैनपावर की भारी कमी से जूझ रहा है। इसलिए वह अपने में ही परेशान है। ऐसे में अगर बदकिस्मती से आपके आसपास कहीं अगलगी की घटना हो जाए तो फायर ब्रिगेड से तुरंत पहुंचने की आस मत रखियेगा। तब अपने आसपास में लगे आग पर आपको खुद काबू पाना होगा। जी हां, हालात काफी चिंताजनक हैं। अग्निशमन विभाग के कर्मियों का रिटायरमेंट भी तेजी हो रहा है जिससे रिक्तियां भी बढ़ती जा रही हैं।

ब्रिगेड को सहारे की जरूरत

आग पर काबू पाने के लिए लोग अग्निशमन विभाग का सहारा लेते हैं। लेकिन इन दिनों अग्निशमन विभाग को खुद सहारे की जरूरत है। क्योंकि इन दिनों इस विभाग में मैन पावर की भारी कमी है। पिछले दो साल से विभाग ऐसे हालात से जूझ रहा है लेकिन समाधान नहीं मिल पा रहा। डोरंडा स्थित अग्निशमन विभाग की ओर से कई बार सरकार को रिक्तियों को भरने के लिए प्रपोजल भी भेजा गया, लेकिन अब तक इसे भरा नहीं जा सका है। हालात ये हैं कि राज्य में एक भी फायर स्टेशन पदाधिकारी नहीं हैं, जबकि इसके लिए 44 पद स्वीकृत हैं। इन दो सालों में मुश्किल से दो या तीन बहालियां ही हो पायी हैं।

आधी क्षमता पर चल रहा विभाग

झारखंड अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों व पदाधिकारियों के टोटल 875 पद स्वीकृत हैं। जबकि विभाग में सिर्फ 433 पदाधिकारियों और कर्मचारियों के भरोसे ही काम चल रहा है। यानी विभाग में आज 442 कर्मचारियों की कमी है। एक्सपर्ट की भी नाममात्र के हैं। साथ ही जो मैनपावर मौजूद है, वो एग्जिस्टिंग सिस्टम का हिस्सा बन चुके हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि अग्निशमन विभाग जुगाड़ के भरोसे चल रहा है।

सभी जिलों में हालात चिंताजनक

झारखंड में रांची, गिरिडीह, डाल्टनगंज, जमशेदपुर के गोलमुरी, मानगो, बहरागोड़ा, सरायकेला, आदित्यपुर चांडिल, बोकारो, गढ़वा, कोडरमा, धनबाद के झरिया और सिंदरी, चाईबासा, चतरा, लातेहार, गुमला, दुमका, गोड्डा, हजारीबाग, बरही, देवघर, साहिबगंज, पाकुड़, लोहरदगा, सिमडेगा, जामताड़ा, रामगढ़, खूंटी, चास और हुसैनाबाद में फायर स्टेशन हैं। साथ ही जमशेदपुर के सोनारी हवाई अड्डा और तेनुघाट बोकारो में भी फायर ब्रिगेड की सुविधा है, लेकिन इन सभी जगहों पर भी कर्मचारियों की कमी है।

इमारतें भी भगवान भरोसे

रांची सहित बाकी 24 जिलों के 70 फीसदी बहुमंजिली इमारतों में फायर फाइटिंग की बेहतर सुविधा नहीं है। नगर विकास विभाग की ओर से बिल्डिंग बाइलॉज में यह स्पष्ट भी है कि जिस भवन की ऊंचाई 15 मीटर या इससे अधिक है, इसके अलावा जिस इमारत के ग्राउंड फ्लोर की लंबाई, चौड़ाई 500 वर्ग मीटर से ज्यादा है, वहां फायर फाइटिंग की बेहतर और वैकल्पिक सुविधाएं देना जरूरी है। लेकिन बिल्डिंग बाइलॉज के नियम को राजधानी में फॉलो नहीं किया जा रहा है और ना ही अन्य जिले भी इसका पालन कर रहे हैं।

इतने पद हैं खाली

झारखंड अग्निशमन विभाग से मिले आंकड़ों के अनुसार, राज्य अग्निशमन पदाधिकारी के लिए एक पद स्वीकृत है। लेकिन इस पर फिलहाल किसी भी अधिकारी की तैनाती नहीं है। अपर अग्निशमन पदाधिकारी के 2 पद हैं और दोनों ही खाली हैं। प्रमंडलीय अग्निशमन पदाधिकारी के 6 पद हैं, लेकिन सभी पद वर्तमान में खाली हैं। अग्निशमन अधिकारी के 12 पद हैं, जिसपर वर्तमान में मात्र एक ही अग्निशमन अधिकारी हैं। जबकि 11 पद खाली हैं। फायर स्टेशन अफसर के 44 पद हैं, यहां भी सभी पद वर्तमान में रिक्त हैं। सब फायर स्टेशन अफसर के 44 पद हैं, जिसमें वर्तमान में 34 अधिकारी काम कर रहे हैं। यहां भी 10 पद खाली हैं। प्रधान अग्नि चालक के 221 पद हैं, जिसमें 151 वर्तमान में काम कर रहे हैं, जबकि 70 पद रिक्त हैं। वहीं अग्नि चालक के 502 पद हैं, जिनमें फिलहाल 235 काम कर रहे हैं, 267 पद रिक्त हैं। स्टेनो सह कम्प्यूटर ऑपरेटर के 8 पद हैं। सभी आठों पद वर्तमान में रिक्त हैं। प्रधान लिपिक से लेखापाल के दो पद हैं। दोनों पद वर्तमान में खाली हैं। एलडीसी के 15 पद हैं, जिसमें से 6 पर वर्तमान में लोग काम कर रहे हैं, जबकि यहां 9 पद रिक्त हैं। आदेशपाल के 18 पद हैं, जिसमें में से मात्र दो ही लोग काम कर रहे हैं, जबकि 16 पद रिक्त हैं।

हाल में अगलगी की हुई घटना

22 मार्च- ओरमांझी थाना के पास बीएसएनएल टावर कैंपस में देर रात भीषण आग लगी थी। कैंपस में रखे ऑप्टिकल फाइबर केबल और कवर पाइपों के बंडल जल गए थे।

28 मार्च- चान्हो थाना क्षेत्र के चटवल गांव में आग लगने की बड़ी घटना हुई थी, जिसमें यहां के मोहम्मद जसीम का घर जल गया। आग लगने से आठ लाख की संपत्ति जल गयी।

1 अप्रैल- कांटाटोली स्थित यूएनआई हाइट्स नाम की कॉमर्शियल बिल्डिंग के फोर्थ फ्लोर पर लगी आग में लाखों की संपत्ति व कागजात हुए खाक।

9 मई- हिनू स्थित आनंद प्लाजा में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी।

11 मई- मांडर थाना क्षेत्र के जोलहाटोली में एक घर में शॉट सर्किट से आग लगी। बिसहाखटनगा पंचायत क्षेत्र में हुए इस हादसे में महिला व उसके पुत्र की जलने से मौत हो गयी थी।