-रोटी कमाने के लिए 12 साल की उम्र में मां के साथ अपना देश बांग्लादेश छोड़ने वाली किशोरी की दर्दभरी दास्तां

- भारत आने पर एक एजेंट ने नौकरी का झांसा देकर पहली बार मां-बेटी को मुम्बई में बेचा

- मां किसी तरह बच निकली, बेटी बिकते-बिकते बरेली आई,सुभाषनगर से बरामद, आरोपी गिरफ्तार

bareilly@inext.co.in

BAREILLY : काम की तलाश में 12 वर्ष की छोटी बच्ची ने मां के साथ चार साल पहले 2014 में बांग्लादेश स्थित घर छोड़ा था. अवैध रूप से भारत आई. उम्मीद थी कि मुफलिसी से किसी तरह छुटकारा मिल जाएगा. दो वक्त की रोटी का इंतजाम हो जाएगा. लेकिन किस्मत को इनके अच्छे दिन मंजूर नहीं थे. भारत आने पर मां-बेटी का जीवन नरक से भी बदतर हो गया. दोनों को दलालों ने मुंबई लाकर बेच दिया. मां तो कुछ समय बाद दलालों के चंगुल से किसी तरह बच निकली, लेकिन इस मासूम को चार साल में कितनी बार कितने लोगों को बेचा गया, इसे खुद नहीं मालूम. थर्सडे रात पुलिस और चाइल्ड लाइन की मदद से इस किशोरी को सुभाषनगर से बरामद कर लिया गया. मेडिकल कराने के बाद उसे स्वधार गृह भेज दिया गया है.पुलिस ने फ्राइडे को किशोरी को खरीदने वाले दंपति को भी हिरासत में ले लिया. दोनों से पूछताछ हो रही है.

नौकरी का झांसा देकर बेचा

बांग्लादेश की रहने वाली किशोरी की मां ने दर्ज कराई एफआईआर में बताया कि वह अपनी 12 वर्ष की मासूम बेटी के साथ चार वर्ष पहले भारत आई थी. यहां उनकी मुलाकात एक एजेंट से हुई. उसने नौकरी दिलाने का झांसा देकर दोनों को मुंबई में अलग-अलग लोगों को बेच दिया. मां किसी तरह बच निकली. लेकिन उसे यह नहीं पता चला कि उसकी मासूम बच्ची को कहां और किसे बेचा गया. पुलिस से कंप्लेन करने पर कोई सुनवाई नहीं हुई. इसके बाद उसने बच्चियों की सुरक्षा पर काम करने वाले एक एनजीओ से गुहार लगाई.

पुलिस को लग गए चार साल

एनजीओ के दबाव में मुंबई पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की. एनजीओ ने भी अपने स्तर पर बच्ची को तलाशने के प्रयास शुरू किए. जांच के दौरान पुलिस के हत्थे वह दलाल चढ़ गया, जिसने बच्ची को मुंबई में बेचा था. उसने बताया कि खरीदने वाले ने एक साल बाद बच्ची को किसी को दिल्ली में बेच दिया है. दिल्ली में तलाशते-तलाशते पुलिस को सालभर बीत गया. तब तक बच्ची को मुरादाबाद में बेच दिया गया. जब तक पुलिस मुरादाबाद में खरीदने वाले के पास पहुंची, तब तक बरेली में किसी महिला ने उसे सुभाषनगर के अजय को बेच दिया था. बच्ची को तलाशते हुए मुंबई पुलिस एक माह पहले बरेली आई थी, लेकिन इसकी भनक लगते ही खरीददारों ने अपना ठिकाना चेंज कर दिया था. पुलिस खली हाथ रह गई थी. इस बार भी मुंबई पुलिस आठ दिन से शहर में डेरा जमाए थी. इस दौरान टीम ने चाइल्ड लाइन, एसपी क्राइम से पूरा मामला शेयर किया.

बरेली में मिली सफलता

जांच के दौरान पुलिस को राजेन्द्र नगर की उस महिला का पता चला, जिसने बच्ची को सुभाषनगर निवासी अजय को बेचा था. महिला ने खुद को बचाने के लिए बताया कि लड़की उसे मिली थी. उसने किशोरी को अपने पास रख लिया था. लेकिन उसे अजय से प्यार हो गया और वह उसके साथ फरार हो गई. अजय को काफी तलाशा गया, लेकिन वह नहीं मिला. थर्सडे को पुलिस ने अजय के साले अरविन्द को चंदौसी से पकड़ लिया. सख्ती करने पर अरविन्द ने थर्सडे रात अजय और उसकी पत्नी लक्ष्मी के पास से किशोरी को बरामद करा दिया. छापेमारी के दौरान मुंबई पुलिस के साथ चाइल्ड लाइन के शेर मोहम्मद और सरिता, बिहारीपुर और सुभाषनगर पुलिस भी थी.