-भैंसाली मैदान में जैनमुनि के कड़वे-प्रवचन के दूसरे दिन उमड़ा श्रद्धा का सैलाब

-मंडप से बाहर बैठकर सुने श्रद्धालुओं ने प्रवचन, जीवन को सुखमयी बनाने के बताए तरीके

Meerut : भैंसाली मैदान में शुक्रवार को कड़वे प्रवचनों के दूसरे दिन भक्ति और श्रद्धा का मेल हुआ. क्रांतिकारी राष्ट्रसंत जैनमुनि तरुण सागर महाराज ने भक्तिरस की वर्षा से सभी को सराबोर कर दिया. सामाजिक समरसता, मानवता एवं जीवन के कड़वे अनुभवों पर मुनिश्री ने कटाक्ष कर जीवन का रहस्य बताया. खचाखच भरे पंडाल में हजारों की तादाद में मौजूद श्रद्धालु टकटकी लगाए मुनिश्री के दर्शन और प्रवचनों का श्रवण कर आनंद अनुभूति से पल्लवित व प्रफुल्लित होते रहे.

संस्कार देने वाले उत्तम मां-बाप

कड़वे प्रवचनों के लिए विख्यात क्रांतिकारी राष्ट्रसंत जैनमुनि ने भौतिक जीवन सुधारने के लिए संस्कारों को कल्पवृक्ष बताया. मुनिश्री ने कहा कि जो केवल संतान को जन्म देते हैं वे सामान्य मां-बाप हैं, जो जन्म के साथ सम्पत्ति भी देते हैं वे मध्यम तथा जो जन्म, संपत्ति के साथ अपनी संतान को संस्कार भी देते हैं वे उत्तम मां-बाप हुआ करते हैं.

बुढ़ापे को सुखी बनाना है जरूरी

मुनिश्री ने कहा कि बुढ़ापा जीवन का अंतिम पड़ाव है. अगर आप अपने बुढ़ापे को सुखी बनाना चाहते हैं तो भले ही अपने बच्चों को कार न दें पर उन्हें संस्कार जरूर दें. संस्कारों से ही परिवार, समाज व देश ऊंचा उठता है.

विनम्रता से बढ़कर कोई व्यवहार नहीं

जैन मुनिश्री तरुणसागर जी ने कहा कि सादगी से बढ़कर कोई श्रृंगार नहीं होता और विनम्रता से बढ़कर कोई व्यवहार नहीं होता. हमारे कारण दूसरों की आंखों में आंसू आए इससे बड़ा कोई पाप नहीं और हमारे लिए दूसरों की आंखों में आंसू आए इससे बड़ा कोई पुण्य नहीं. कुदरत की तरफ से हमें चेहरे का जो रंग मिलना था सो मिल गया. हम चेहरे का रंग तो नहीं बदल सकते पर जीने का ढंग तो बदल ही सकते हैं.

शादी के बाद मुस्कुराना नहीं आसां

जैनमुनि ने बताया कि दुनिया में चार चीजें मुश्किल हैं. पहला हाथी को धक्का देना, मच्छर की मालिश करना, चीटी की पप्पी लेना और शादी के बाद मुस्कुराना. अगर आदमी हर हाल में जीने की आदत डाल ले तो वह शादी क्या ताउम्र मुस्कुराते हुए जी सकता है. उन्होंने कहा कि दो बातें याद रखिए और दो बातों को भूल जाइए. याद रखने वाली बात अपने भगवान और मौत को याद रखिए और भूल जाने वाली बात किसी ने तुम्हारे साथ किसी ने बुरा किया या तुमने कोई अच्छा काम किया.

खचाखच भरे मैदान में तल्लीन हुए श्रद्धालु

मुनिश्री तरुणसागर जी महाराज के कड़वे-प्रवचन श्रृंखला के दूसरे दिन भैंसाली मैदान में अपने चिर-परिचित अंदाज में संबोधित किया. दूसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा. खचाखच भरे पंडाल के बाहर भी श्रद्धालु खड़े होकर मुनिश्री के प्रवचन सुनते रहे. शुक्रवार को कार्यक्रम का शुभारंभ विधायक रविंद्र भड़ाना ने महावीर स्वामी के सम्मुख दीप प्रज्जवलित कर किया. दुर्गाबाड़ी जैन समाज की महिलाओं ने भक्तिमय भावपूर्ण नृत्य पेश कर अध्यात्म का संचार किया. सुरेश जैन रितुराज, प्रवक्ता सुनील जैन, रंजीत जैन, मीडिया प्रभारी विनेश जैन, दिनेश जैन आदि का सहयोग रहा.